होमगार्ड बनने का सपना अधूरा रह गया 4800 मीटर दौड़ के आखिरी दौर में अभ्यर्थी की हार्ट अटैक से मौत
शिवम बरेली के सुभाषनगर थाना क्षेत्र के नई बस्ती वंशीनगला बेनीपुर चौधरी के रहने वाले थे। उनके पिता विनोद कुमार पेशे से अधिवक्ता हैं और बरेली बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष भी रह चुके हैं। बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अस्पताल में शिवम का शव देखकर उनके पिता की भी हालत बिगड़ गई और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। घटना की जानकारी मिलने के बाद मुरादाबाद के एसएसपी सतपाल अंतिल भी जिला अस्पताल पहुंचे।
शिवम ने होमगार्ड भर्ती की लिखित परीक्षा और दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया पूरी कर ली थी। शुक्रवार को उन्हें शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होना था। इसके लिए वह गुरुवार रात करीब 11 बजे अपने पिता के साथ बरेली से मुरादाबाद के लिए रवाना हुए थे। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे वह भर्ती स्थल पर पहुंच गए। जांच और बायोमेट्रिक उपस्थिति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें 9वीं वाहिनी पीएसी के मैदान में दौड़ के लिए भेजा गया। शिवम के रिश्ते का भाई हिमांशु भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने मुरादाबाद पहुंचा था।
हिमांशु के मुताबिक शिवम पांचवीं शिफ्ट में दौड़ रहे थे। अभ्यर्थियों को 28 मिनट के भीतर 4800 मीटर की दूरी पूरी करनी थी। शिवम ने शुरुआती 11 राउंड पूरे कर लिए थे और अब केवल आखिरी राउंड बाकी था। सुबह करीब 8 बजकर 16 मिनट पर वह अंतिम राउंड में दौड़ रहे थे। मंजिल करीब नजर आ रही थी लेकिन अचानक उनकी रफ्तार थम गई और वह ट्रैक पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की कोशिश की और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
पोस्टमार्टम करने वाली टीम में शामिल डॉक्टर राहुल चौधरी के अनुसार प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण हार्ट अटैक सामने आया है। डॉक्टर के मुताबिक अचानक बहुत तेज गति से दौड़ने के कारण दिल पर अत्यधिक दबाव पड़ने की आशंका है। उनका कहना है कि ऐसी शारीरिक परीक्षा की तैयारी के दौरान शरीर और दिल को धीरे धीरे बढ़ते अभ्यास के जरिए लंबे समय तक तेज दौड़ के लिए तैयार करना जरूरी है।
शिवम की शादी वर्ष 2023 में कोमल से हुई थी। उनकी दो साल की बेटी शैली है। पति की मौत की खबर के बाद पत्नी कोमल समेत परिवार के अन्य लोग अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे। शव देखते ही पत्नी बेसुध हो गई। जिस नौकरी के जरिए शिवम अपने परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने का सपना लेकर दौड़ रहे थे वह सपना अंतिम राउंड में ही हमेशा के लिए टूट गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
