September 18, 2026

हफ्ते के आखिरी दिन बाजार में मिला-जुला रुख निफ्टी चढ़ा IT शेयर फिसले जानिए किन सेक्टरों में रही तेजी

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नई दिल्ली। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में पूरे दिन उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान कभी बाजार में तेजी दिखाई दी तो कभी बिकवाली का दबाव बढ़ा। अंत में सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ लगभग सपाट बंद हुआ जबकि निफ्टी बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहा। व्यापक बाजार में हालांकि खरीदारी का रुझान मजबूत रहा और मिडकैप तथा स्मॉलकैप इंडेक्स में भी तेजी दर्ज की गई।

कारोबार समाप्त होने पर 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 19.63 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 74294.96 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 में 75.80 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 23346.40 के स्तर पर पहुंच गया। इस तरह दोनों प्रमुख सूचकांकों में अलग अलग रुख देखने को मिला।

व्यापक बाजार की बात करें तो निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.24 प्रतिशत की तेजी रही जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 1.74 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। इससे संकेत मिला कि शुक्रवार के कारोबार में बड़ी कंपनियों के अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही।

सेक्टर के स्तर पर भी बाजार में अलग अलग रुझान दिखाई दिए। निफ्टी मेटल निफ्टी रियल्टी निफ्टी ऑयल एंड गैस निफ्टी सीमेंट और निफ्टी केमिकल में मजबूती रही। दूसरी ओर निफ्टी आईटी में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। आईटी शेयरों में कमजोरी की एक वजह प्रॉफिट बुकिंग को माना गया। लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों के कारण वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी खर्च पर संभावित असर को लेकर भी बाजार में चिंता बनी हुई है।

निफ्टी 50 में अदाणी पोर्ट्स अदाणी एंटरप्राइजेज भारती एयरटेल एचडीएफसी बैंक पावरग्रिड अल्ट्राटेक सीमेंट और अपोलो हॉस्पिटल जैसे शेयर बढ़त वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे। वहीं टीसीएस टीएमपीवी एसबीआई लाइफ कोल इंडिया मारुति सुजुकी एनटीपीसी टाटा कंज्यूमर और सन फार्मा में गिरावट देखने को मिली।

बाजार के एक विशेषज्ञ के अनुसार लगातार बनी भू राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों और ग्लोबल यील्ड में नरमी ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को कुछ समर्थन दिया। इसके चलते भारतीय इक्विटी बाजार में रिकवरी का रुझान जारी रहा। बड़े केंद्रीय बैंकों की ओर से उम्मीद के मुताबिक नीतिगत फैसलों के बाद मिले सकारात्मक वैश्विक संकेतों से भी निवेशकों का भरोसा बढ़ने की बात कही गई।

विशेषज्ञ के अनुसार बाजार की रिकवरी कई सेक्टर में दिखाई दी लेकिन आईटी शेयरों में मुनाफावसूली का दबाव रहा। आगे बाजार की दिशा को लेकर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां महत्वपूर्ण रहेंगी। कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक यील्ड में नरमी से फिलहाल राहत मिली है लेकिन यह रिकवरी कितनी टिकाऊ रहती है यह ग्लोबल मैक्रो जोखिमों में कमी और विदेशी निवेशकों की ओर से लगातार निवेश पर निर्भर कर सकता है।

कुल मिलाकर शुक्रवार का कारोबार भारतीय शेयर बाजार के लिए मिश्रित रहा। सेंसेक्स लगभग सपाट रहा जबकि निफ्टी और व्यापक बाजार सूचकांकों में बढ़त देखने को मिली। अगले कारोबारी सत्र में निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों विदेशी निवेश और विभिन्न सेक्टरों में खरीदारी की दिशा पर रहेगी।

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