September 18, 2026

WhatsApp पर किसान को सरकारी योजना की जानकारी देगा AI सत्य नडेला ने समझाया भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भविष्य

0
untitled-1789727492

नई दिल्ली। माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन और सीईओ सत्य नडेला ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के बढ़ते अवसरों को लेकर अहम बात कही है। उन्होंने तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि AI का फायदा केवल बड़ी कंपनियों या तकनीकी विशेषज्ञों तक सीमित न रहे बल्कि इसका लाभ भारत के किसानों कारोबारियों और अलग अलग समुदायों तक भी पहुंचे। नडेला के मुताबिक किसी भी सामान्य उपयोग वाली तकनीक की वास्तविक क्षमता इस बात से तय होती है कि उसका इस्तेमाल कितने व्यापक स्तर पर लोग कर सकते हैं और उसके विकास में कितने लोग योगदान दे सकते हैं।

सिएटल में आयोजित आईडियाज4इंडिया फोरम में बोलते हुए नडेला ने AI के विकास के साथ राष्ट्रीय संप्रभुता ज्ञान पर नियंत्रण और मानव निगरानी जैसे विषयों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग अलग हिस्सों को इस तकनीक से लाभ मिलना चाहिए और उन्हें इसके विकास में योगदान देने का अवसर भी मिलना चाहिए। उनके मुताबिक AI को व्यापक स्तर पर उपयोगी बनाने के लिए तकनीक की पहुंच के साथ भरोसे और नियंत्रण से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान देना जरूरी है।

इस कार्यक्रम का आयोजन भारत के महावाणिज्य दूतावास की ओर से इंडियन अमेरिकन टेक CEO फोरम के तहत किया गया था। इसमें भारतीय मूल के 40 से अधिक CEO और CTO शामिल हुए। AI के अलावा क्वांटम कंप्यूटिंग सेमीकंडक्टर एयरोस्पेस क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर जैसे क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी इसमें हिस्सा लिया।

नडेला ने AI की उपयोगिता समझाने के लिए दिल्ली में देखे गए एक प्रदर्शन का उदाहरण भी दिया। इसमें एक भारतीय डेवलपर ने GPT मॉडल को भाषा सेवाओं के साथ जोड़कर ऐसी व्यवस्था तैयार की थी जिसके जरिए ग्रामीण किसान WhatsApp पर स्थानीय भाषा में सरकारी योजना से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकता था। यह व्यवस्था किसान को सब्सिडी प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाने और जरूरी कागजी कार्रवाई में मदद करने के लिए तैयार की गई थी।

नडेला के मुताबिक इस उदाहरण की खासियत यह थी कि AI को केवल तकनीकी प्रयोग के तौर पर नहीं बल्कि आम व्यक्ति की जरूरत से जोड़कर देखा गया। यदि ऐसी तकनीक स्थानीय भाषा में उपलब्ध हो और सरकारी योजनाओं तथा सेवाओं की जानकारी समझने में मदद करे तो इससे उन लोगों तक डिजिटल सेवाएं पहुंचाने का रास्ता खुल सकता है जो तकनीकी संसाधनों या भाषा की वजह से कई बार पीछे रह जाते हैं।

उन्होंने AI से जुड़े व्यापक इकोसिस्टम पर भी विचार करने की जरूरत बताई। उनके अनुसार आने वाले समय में AI का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि यह अलग अलग आकार के कारोबारों और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों तक कितनी व्यापकता से पहुंचता है। भारत के लिए यह अवसर केवल AI का इस्तेमाल करने तक सीमित नहीं है बल्कि ऐसे उत्पाद और सेवाएं विकसित करने से भी जुड़ा है जिन्हें दुनिया के दूसरे बाजारों में इस्तेमाल किया जा सके।

नडेला ने देशों और कंपनियों के लिए अपने ज्ञान पर नियंत्रण बनाए रखने की जरूरत भी बताई। उनका कहना था कि AI के क्षेत्र में भागीदारी ऐसी होनी चाहिए जिससे देश और कारोबार सुरक्षित महसूस करें और किसी दूसरी इकाई की तकनीकी क्षमता पर पूरी तरह निर्भर न हों। साथ ही उन्होंने पेशेवरों से अपनी क्षमताओं पर दोबारा विचार करने की अपील की क्योंकि AI काम करने के तरीकों को तेजी से बदल रहा है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *