मथुरा में 6 दिसंबर को नहीं होगी कार सेवा, अखाड़ा परिषद ने किया कार्यक्रम रद्द, जाने क्या कहा ?
हरिद्वार में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ लाई गई रजत शिला के विधि-विधान से पूजन के दौरान संतों ने यह बात कही। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डॉ. रवींद्र पुरी महाराज और निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज ने अपने स्थान पर संकल्पित रजत शिला का पूजन किया।
न्यायालय के आदेश के बिना समर्थन नहीं
डॉ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जा सकता। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले का समाधान न्यायालय के माध्यम से ही संभव है। संतों ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेश के बिना वे किसी प्रकार की कार सेवा का समर्थन नहीं करेंगे।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने भी कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा विश्वास है। उन्होंने अयोध्या मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वहां न्यायालय के माध्यम से फैसला आया, उसी तरह मथुरा प्रकरण में भी न्यायालय से निर्णय आने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को अखाड़ा परिषद की ओर से किसी भी प्रकार की कार सेवा का कार्यक्रम नहीं होगा। उनका दावा है कि प्रकरण से संबंधित प्राचीन साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं और इन्हीं के आधार पर न्यायालय निर्णय करेगा।
सोशल मीडिया की भ्रामक खबरों से सावधान रहने की अपील
महामंडलेश्वर राधानंद गिरी महाराज ने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक खबरें प्रसारित कर रहे हैं। उन्होंने सनातन समाज से ऐसी खबरों पर विश्वास नहीं करने की अपील की। उनका कहना था कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में संत समाज न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखता है।
हरिद्वार में हुए संकल्पित रजत शिला पूजन कार्यक्रम में राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रभारी-संयोजक पं. राजेश पाठक, महामंडलेश्वर डॉ. रमनपुरी महाराज, महंत दिव्यात्मानंद पुरी महाराज, श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के राष्ट्रीय महामंत्री जय राम शर्मा, महंत बाबा हरिदास महाराज, राष्ट्रीय मंत्री उद्देश सैनी, राष्ट्रीय प्रचारक गुलाब चंद सैनी, राष्ट्रीय महामंत्री गिर्राज वाल्मीकि, कान्हा कौशिक, अनिल कृष्ण शास्त्री, ब्रह्मानंद गिरी, महेशानंद सरस्वती, पूजा भार्गव, रामनारायण बृजवासी, गोविंद बल्लभ शास्त्री और मयंक शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
