कोफोर्ज के बोर्ड मूल्यांकन में सामने आई खामियों के बाद चेयरमैन ओपी भट्ट ने इस्तीफा दिया, शेयर करीब नौ प्रतिशत तक टूटा
कारोबार के दौरान कोफोर्ज के शेयर ने 1,780.70 रुपये का इंट्राडे निचला स्तर दर्ज किया। यह स्तर कंपनी के पिछले बंद भाव 1,950 रुपये की तुलना में करीब 8.71 प्रतिशत कम था। हालांकि बाद में शेयर में कुछ सुधार दिखाई दिया। सुबह 10:45 बजे तक कोफोर्ज का शेयर 4.50 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,862 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
कंपनी की रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के इंटरनल ऑडिट प्लान के तहत इंटरनल ऑडिटर ने बोर्ड इवैल्यूएशन प्रक्रिया की समीक्षा की। इसके साथ ही उस प्रक्रिया से तैयार की गई बोर्ड इवैल्यूएशन रिपोर्ट यानी बीईआर की भी जांच की गई। यह पूरी प्रक्रिया ओपी भट्ट की देखरेख में हुई थी।
ऑडिट के दौरान बोर्ड के मूल्यांकन से संबंधित जानकारी को प्रोसेस करने और उसके डिस्क्लोजर से जुड़ी कुछ कमियां सामने आईं। इन कमियों में चेयरमैन के प्रदर्शन के मूल्यांकन से संबंधित जानकारी भी शामिल थी। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि जब बोर्ड इवैल्यूएशन रिपोर्ट को बोर्ड के सामने रखा गया, तब उसमें मौजूद या उससे संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां बोर्ड के सदस्यों के सामने पूरी तरह प्रस्तुत नहीं की गई थीं।
इंटरनल ऑडिटर की रिपोर्ट सामने आने के बाद बोर्ड ने ओपी भट्ट से इस मामले को लेकर स्पष्टीकरण मांगा। भट्ट ने अपने पक्ष का बचाव करते हुए कहा कि बोर्ड के मूल्यांकन की प्रक्रिया के दौरान उन्होंने नेक नीयत से काम किया था। हालांकि, बोर्ड की ओर से उनके स्पष्टीकरण की समीक्षा पूरी होने और मामले पर कोई अंतिम निर्णय लिए जाने से पहले ही उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया।
ओपी भट्ट ने 8 सितंबर को अपने पद से इस्तीफा दिया। इसके बाद कंपनी ने मौजूदा नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर विवेक शर्मा को अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 31 जनवरी, 2027 तक प्रभावी रहेगी।
कंपनी के अनुसार, ओपी भट्ट वॉकहार्ट लिमिटेड के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर भी हैं। वहां वह ऑडिट, स्टेकहोल्डर्स रिलेशनशिप और कैपिटल जुटाने से संबंधित कमेटियों के सदस्य के तौर पर जुड़े हुए हैं। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद कोफोर्ज के शेयर में आई तेज गिरावट ने बाजार में तत्काल प्रतिक्रिया को स्पष्ट किया।
