सत्य निकेतन इमारत हादसे में बड़ा एक्शन, पीजी संचालक सुधांशु गिरफ्तार, साथी शुभम त्यागी की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस के अनुसार, महेश ने अगस्त 2025 में यह इमारत शुभम त्यागी और सुधांशु को लीज पर दी थी। दोनों मिलकर इसी इमारत में ‘Hostel Daze’ नाम से पीजी चला रहे थे। इमारत में संचालित पीजी को लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। सुधांशु की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे हादसे से जुड़े घटनाक्रम और इमारत में पीजी संचालन से संबंधित सवाल पूछ रही है। वहीं, शुभम त्यागी को पकड़ने के लिए तलाश जारी है।
मामले में आरोपी महेश की दो दिन की पुलिस कस्टडी भी आज समाप्त हो रही है। पुलिस उसे साउथ कैंपस थाने से अदालत लेकर गई है। महेश के साथ इमारत का ठेकेदार और एक राजमिस्त्री भी कोर्ट ले जाए गए हैं। तीनों को मामले में आगे की कार्रवाई के तहत अदालत में पेश किया जा रहा है। पुलिस हादसे से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है और मामले में उनकी भूमिका को लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
इधर, सत्य निकेतन में कमजोर पड़ी इमारत को हटाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। कार्रवाई से पहले इमारत के भीतर रखा सामान बाहर निकाला गया। इसके बाद कमजोर हिस्से को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। आसपास मौजूद पांच से छह इमारतों को भी खाली कराया गया है, ताकि कमजोर ढांचे को हटाने के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
कमजोर हिस्से को हटाने के लिए बड़ी मशीन या बुलडोजर का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। इमारत के कमजोर हिस्से को हथौड़े और दूसरे छोटे औजारों की मदद से धीरे-धीरे तोड़ा जा रहा है। इस तरीके से कमजोर ढांचे को सावधानीपूर्वक हटाने का काम किया जा रहा है। मौके पर एमसीडी की टीम मौजूद है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी तैनात हैं।
सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद पुलिस की कार्रवाई के साथ कमजोर ढांचे को हटाने का काम भी जारी है। पीजी संचालक सुधांशु की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि उसके साथ पीजी चलाने वाला शुभम त्यागी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। महेश, ठेकेदार और राजमिस्त्री को अदालत ले जाया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और अदालत में होने वाली प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेगी।
