दुबई में AIM-2026 के मंच से सीएम मोहन यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश आने और रोजगार बढ़ाने का दिया निमंत्रण
एआईएम कांग्रेस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश और कारोबारी अवसरों के लिए महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। कार्यक्रम में 180 से अधिक देशों के करीब 20 हजार प्रतिनिधियों के शामिल होने की जानकारी दी गई। इसमें विभिन्न देशों की सरकारों के साथ बड़े निवेशक, कंपनियां और सोवरिन वेल्थ फंड्स निवेश से जुड़े अवसरों पर चर्चा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने दुबई प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश के स्थानीय उत्पादों को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार के सामने रखा। बिजनेस बे स्थित ताज दुबई में आयोजित वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और भौगोलिक संकेतक उत्पादों की प्रदर्शनी का उन्होंने उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी के जरिए राज्य की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की संभावनाएं सामने आईं।
प्रदर्शनी में बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी और ग्वालियर का कारपेट प्रदर्शित किया गया। इन उत्पादों के जरिए मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के साथ स्थानीय कारीगरों की उत्पादन क्षमता और निर्यात की संभावनाओं को भी सामने रखा गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही से भी मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अरब देशों के निवेशकों को मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा, औषधि निर्माण, चिकित्सा उपकरण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, उन्नत विनिर्माण और शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़े अवसरों की जानकारी दी।
बैठक के दौरान अरब व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल को मध्यप्रदेश आने और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में भाग लेने का निमंत्रण भी दिया गया। राज्य सरकार की कोशिश है कि अंतरराष्ट्रीय निवेश को मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास, स्थानीय कारोबार और रोजगार सृजन से जोड़ा जाए।
दुबई यात्रा के दौरान कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश की संभावनाओं को महत्वपूर्ण बताया गया। संयुक्त अरब अमीरात खाद्य जरूरतों के बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे बाजार में मध्यप्रदेश अपने कृषि उत्पादों और प्रसंस्कृत खाद्य सामग्री के लिए संभावित अवसर तलाश सकता है।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार मध्यप्रदेश दाल उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है। राज्य अनाज उत्पादन में दूसरे स्थान पर है और देश के कुल अनाज उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी 13.04 प्रतिशत बताई गई है। मक्का उत्पादन में मध्यप्रदेश पहले और गेहूं उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। गेहूं में राज्य की हिस्सेदारी 20.78 प्रतिशत बताई गई है।
मध्यप्रदेश सोयाबीन उत्पादन के लिए भी देश में प्रमुख राज्य है और राज्य को ‘सोया प्रदेश’ के रूप में पहचान मिली है। दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कृषि उत्पादों की मांग को देखते हुए खाद्य प्रसंस्करण, कोल्ड चेन, भंडारण, ग्रेडिंग और लॉजिस्टिक्स में निवेश की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
मुख्यमंत्री की इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य निवेश आकर्षित करने के साथ मध्यप्रदेश के उत्पादों और कारोबारी क्षमताओं को वैश्विक बाजार से जोड़ना है। सरकार को उम्मीद है कि नए निवेश से उद्योगों का विस्तार होगा, स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। इसके साथ ही किसानों और कारीगरों को भी बड़े बाजारों से जुड़ने का लाभ मिल सकता है।
