September 7, 2026

देवास में पुलिस को देखकर नदी में फेंकी अवैध पिस्टल, कांटाफोड़ और सतवास पुलिस ने पानी में उतरकर हथियार किया बरामद

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मध्य प्रदेश:
के देवास जिले में अवैध हथियार के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पुलिस से बचने और सबूत छिपाने के इरादे से अपने पास रखी अवैध देशी पिस्टल दतूनी नदी में फेंक दी थी। हालांकि पुलिस ने पीछा जारी रखा और दोनों को पकड़ने के बाद नदी में उतरकर हथियार भी बरामद कर लिया।

मामला सतवास थाना क्षेत्र में पीपलकोटा के पास का बताया गया है। कांटाफोड़ थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति अवैध हथियार लेकर कांटाफोड़ से खातेगांव की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने संदिग्धों की तलाश शुरू की और उनका पीछा किया।

पुलिस की गतिविधि की जानकारी मिलने के बाद दोनों आरोपियों ने बच निकलने की कोशिश की। पीछा किए जाने के दौरान वे सतवास क्षेत्र की ओर बढ़े। इस बीच कांटाफोड़ पुलिस ने सतवास थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी, जिसके बाद सतवास पुलिस ने भी कार्रवाई शुरू कर दी।

सतवास पुलिस ने पीपलकोटा के पास घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पकड़े जाने से पहले अपने पास मौजूद अवैध देशी पिस्टल दतूनी नदी में फेंक दी थी। उन्हें उम्मीद थी कि नदी में हथियार डालने के बाद पुलिस के हाथ कोई महत्वपूर्ण सबूत नहीं लगेगा।

लेकिन पुलिस ने आरोपियों की इस कोशिश को नाकाम कर दिया। हथियार की तलाश के लिए कांटाफोड़ और सतवास पुलिस के जवान नदी में उतरे। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने पानी के भीतर से अवैध देशी पिस्टल बरामद कर ली। हथियार मिलने के बाद पुलिस की कार्रवाई मौके पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई और बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए।

इस कार्रवाई में कांटाफोड़ और सतवास थाना पुलिस की संयुक्त भूमिका रही। पुलिस ने पहले आरोपियों को पकड़ने के लिए घेराबंदी की और इसके बाद नदी में फेंके गए हथियार को तलाशकर बरामद किया। इससे मामले में अवैध हथियार से जुड़ा महत्वपूर्ण साक्ष्य भी पुलिस के कब्जे में आ गया।

पकड़े गए दोनों आरोपियों के संबंध में सामने आई जानकारी के मुताबिक, एक आरोपी देवास जिले के कवलासा क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि दूसरा सीहोर जिले के जामुनियाकला का निवासी बताया गया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ सतवास थाने में प्राथमिकी दर्ज की है।

मामले में पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। अब पुलिस मामले में अवैध हथियार की उपलब्धता और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

घटना ने यह भी दिखाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी द्वारा सबूत छिपाने की कोशिश हमेशा सफल नहीं होती। नदी में हथियार फेंके जाने के बावजूद पुलिस ने मौके पर तलाशी अभियान चलाकर पिस्टल बरामद कर ली। इससे जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा सकता है कि उनके पास अवैध हथियार कहां से आया था और उसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।

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