September 7, 2026

निवेश के लिए मध्यप्रदेश बना देश का नया ग्रोथ हब : मुख्यमंत्री यादव

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भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश निवेश, उद्योग और रोजगार के नए केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग, वस्त्र, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा, ड्रोन, रक्षा और साइंस सिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र की स्थानीय क्षमता को चिन्हित कर उसे उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसरों में बदला जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात दुबई प्रवास के पहले दिन मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद के दौरान कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में व्यापार सुगमता के लिए किए गए सुधारों को मध्यप्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। राज्य सरकार ने कई अप्रासंगिक कानून समाप्त किए हैं और 25 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं। इन सुधारों से प्रदेश में उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को गति मिली है और निवेशकों के लिए कारोबारी वातावरण बेहतर हुआ है।

एमएसएमई क्षेत्र में 1.10 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। एमएसएमई क्षेत्र में 1 करोड़ 10 लाख से अधिक लोग कार्यरत हैं। राज्य में बड़े पैमाने पर उत्पादन हो रहा है और निर्यात के क्षेत्र में भी प्रदेश अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। वर्ष 2026-27 में मध्यप्रदेश से 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ है।

उन्होंने कहा कि सरकार की व्यापार हितैषी नीतियों का उद्देश्य बड़े निवेश को आकर्षित करने के साथ स्थानीय उद्यमों को विस्तार के अवसर देना भी है। इसके लिए उद्योगों की स्थापना और संचालन के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा, ड्रोन और रक्षा क्षेत्र पर जोर

डॉ. यादव ने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा, ड्रोन और रक्षा जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। रीवा, इंदौर और उज्जैन में तीन नए आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से तकनीकी उद्योगों, स्टार्टअप और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।

प्रदेश में साइंस सिटी भी विकसित की जा रही है। इससे विज्ञान, तकनीक, नवाचार और नई पीढ़ी के कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा।

भूमि, बिजली और पानी की पर्याप्त उपलब्धता

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों के लिए आवश्यक बुनियादी संसाधनों के मामले में मध्यप्रदेश की स्थिति मजबूत है। प्रदेश के पास पर्याप्त भूमि और लैंड बैंक, अतिरिक्त बिजली तथा जल संसाधन उपलब्ध हैं। ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सस्ती बिजली, ग्रीन एनर्जी, पर्याप्त भूमि और पानी के साथ बेहतर आधारभूत ढांचा एवं परिवहन सुविधाएं प्रदेश को निवेश के लिए प्रतिस्पर्धी बनाती हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार मध्यप्रदेश में दुनिया की सबसे सस्ती बिजली बन रही है। इन सुविधाओं के कारण प्रदेश देशभर के निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना है।

नीतिगत सुधारों का लाभ निवेशकों तक पहुंचा

डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने केवल नीतियां बनाने पर जोर नहीं दिया, बल्कि उनके माध्यम से निवेशकों को मिलने वाले लाभ को जमीन पर उपलब्ध कराया है। व्यापार हितैषी नीतियों और आवश्यक सुविधाओं के कारण प्रदेश में बड़े उद्योगों की स्थापना को गति मिली है और निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।

रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के बाद जिला स्तर पर विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के अवसर मिले हैं। अब सरकार का ध्यान जिला स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करने पर है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले और क्षेत्र के स्थानीय संसाधनों तथा क्षमताओं को चिन्हित कर उन्हें उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा रहा है। इससे औद्योगिक विकास बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिलों और स्थानीय क्षेत्रों तक पहुंचेगा।

शिक्षा और स्वास्थ्य को रोजगार से जोड़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश के साथ कुशल मानव संसाधन तैयार करना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र को भी मजबूत किया जा रहा है, जिससे बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ इस क्षेत्र में निवेश और रोजगार की संभावनाएं बढ़ सकें।

भोपाल-इंदौर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें, चार नए हवाईअड्डों की तैयारी

डॉ. यादव ने कहा कि निवेश और पर्यटन के विकास के लिए बेहतर हवाई संपर्क आवश्यक है। भोपाल और इंदौर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन हो रहा है। प्रदेश में चार नए हवाईअड्डे विकसित करने की तैयारी है। ग्वालियर और जबलपुर भी हवाई संपर्क के लिहाज से तैयार हैं तथा भविष्य में यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि सड़क, रेल और हवाई संपर्क बेहतर होने से मध्यप्रदेश देश और दुनिया से तेजी से जुड़ रहा है। इसका लाभ उद्योग, व्यापार, निवेश और पर्यटन को मिल रहा है।

महाकाल लोक के बाद पर्यटन में बढ़ी गतिविधियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक निवेश के साथ मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मध्यप्रदेश में करीब 14 करोड़ बाहरी पर्यटकों का आगमन हुआ है।

पर्यटन के विस्तार से होटल, परिवहन, खान-पान, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद, फूड प्रोसेसिंग और सेवा क्षेत्र में रोजगार एवं निवेश के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

स्थानीय क्षमता को निवेश और रोजगार में बदलने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में फूड प्रोसेसिंग, वस्त्र, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा, ड्रोन, रक्षा और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। पर्याप्त भूमि, बिजली, पानी, ग्रीन एनर्जी, लैंड बैंक, बेहतर आधारभूत ढांचा और विकसित हो रही हवाई कनेक्टिविटी प्रदेश की प्रमुख ताकत हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने नीतिगत सुधारों के साथ ऐसा निवेश वातावरण तैयार किया है, जिसमें स्थानीय संसाधनों और संभावनाओं को उद्योगों से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश का लक्ष्य स्पष्ट है कि स्थानीय क्षमता को निवेश, निवेश को उत्पादन और उत्पादन को रोजगार में परिवर्तित किया जाए।

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