हर बीमारी में घरेलू नुस्खे आजमाना पड़ सकता है भारी, सांस की परेशानी, बेहोशी और खून आने पर तुरंत डॉक्टर से लें सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार इस बात को लेकर अलर्ट करते रहे हैं कि हर आम दिखने वाली बीमारी में खुद से ही दवा या घरेलू उपचार नहीं शुरू कर देना चाहिए। सांस लेने में परेशानी, बेहोशी, भ्रम, बहुत तेज दर्द या अचानक बिगड़ती हालत को केवल घरेलू उपचार से ठीक करने की कोशिश आपके लिए बड़ी मुश्किलों का कारण बन सकती है।
आइए समझते हैं कि किन समस्याओं में हमें घरेलू उपायों में फंसने की जगह समय रहते डॉक्टर के पास जाना जरूरी है?
सांस की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वायरल बुखार, हल्के पेट दर्द या गैस जैसी कभी-कभार होने वाली समस्याओं में कुछ उपाय लाभ दे सकते हैं। पर अगर लक्षण लंबे समय तक बने रहें या बार-बार वही समस्या हो रही है तो इसके कारणों का पता लगाने के लिए जांच कराना और समय रहते डॉक्टर की मदद लेना जरूरी हो जाता है।
सांस लेने में परेशानी या सीने में दिक्कत
सांस लेने में अचानक या गंभीर परेशानी को केवल भाप, अदरक की चाय या काढ़े से ठीक करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सांस फूलना कई अलग-अलग स्थितियों का संकेत हो सकता है और कई बार ये गंभीर समस्याओं की ओर इशारा भी कर सकता है।
अगर सांस लेने में कठिनाई हो रही है तो इसमें आपातकालीन मदद की जरूरत होती है। इसी तरह सीने में तेज और असामान्य दर्द, बेहोशी या हालत तेजी से बिगड़ने में भी घरेलू इलाज की जगह विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है।
बेहोशी या बहुत ज्यादा कमजोरी
अगर आपके आसपास या घर में कोई अचानक बेहोश हो जाए या अत्यधिक कमजोर महसूस करे तो इसे सामान्य थकान मानकर इग्नोर करना या खुद से कोई उपाय शुरू कर देना ठीक नहीं है।
सांस लेने में परेशानी, दौरे पड़ना या त्वचा-होंठों के रंग में बदलाव जैसे संकेत गंभीर हो सकते हैं। कई बार हार्ट अटैक या शरीर में ऑक्सीजन की कमी में भी ऐसी दिक्कतें देखी जाती हैं। इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टरी मदद की जरूरत होती है।
बहुत तेज बुखार या लगातार बिगड़ते लक्षण
हर बुखार में डॉक्टर के पास जाना जरूरी नहीं होता, लेकिन बहुत तेज बुखार, लगातार बिगड़ते लक्षण या कई दिनों तक सुधार न होने जैसी स्थिति में घरेलू उपचार करते रहना नुकसानदायक हो सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों स्वाइन फ्लू का खतरा देखा जा रहा है जिसमें होने वाला बुखार भी सामान्य लग सकता है। पर इसमें समय रहते डॉक्टरी सलाह जरूरी है। घरेलू उपाय कुछ लक्षणों में अस्थायी आराम दे सकते हैं, लेकिन अगर समय के साथ हालत सुधरने के बजाय बिगड़ रही हो तो विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है।
खून की उल्टी या मल में खून
शरीर से किसी भी तरह की ब्लीडिंग में सिर्फ खानपान या घरेलू उपचार के भरोसे बैठे रहना ठीक नहीं है। खून वाली उल्टी और मल में खून जैसे लक्षणों में तुरंत डॉक्टर की सलाह और जांच जरूरी है।
लिवर या फेफड़ों की गंभीर बीमारियों में उल्टी के साथ खून आने की दिक्कत देखी जाती है। इसी तरह से डेंगू के गंभीर मामले में मल से खून आ सकता है। इन बीमारियों में समय रहते डॉक्टरी मदद जरूरी है। बिना कारण समझे घरेलू उपाय करते रहना स्थिति को और बिगाड़ सकता है।
