September 6, 2026

6 महीने तक पसीना बहाया और 65 की उम्र में रच दिया कमाल! हैदराबाद मैराथन में इंदौर के धावक ने जीता गोल्ड

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नई दिल्ली ।उम्र अगर सिर्फ एक संख्या है तो इंदौर के 65 वर्षीय वरिष्ठ धावक प्रेम नारायण शर्मा ने इसे अपने प्रदर्शन से साबित कर दिया है। जिस उम्र में अधिकांश लोग आराम और सेहत को लेकर अधिक सावधानी बरतते हैं उस उम्र में प्रेम नारायण शर्मा ने दौड़ के मैदान में अपनी फिटनेस और मजबूत इरादों का शानदार परिचय दिया। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में आयोजित हैदराबाद मैराथन 2026 में उन्होंने 10 किलोमीटर दौड़ की अपनी आयु वर्ग श्रेणी में पहला स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी यह उपलब्धि न केवल इंदौर बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो उम्र को अपने सपनों और जुनून के रास्ते में बाधा मान लेते हैं।

हैदराबाद मैराथन 2026 में इंदौर के करीब 30 धावकों ने हिस्सा लिया और अलग अलग श्रेणियों में अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए शहर का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता में 42 किलोमीटर फुल मैराथन 21 किलोमीटर हाफ मैराथन और 10 किलोमीटर दौड़ का आयोजन किया गया। इंदौर के धावकों ने हर श्रेणी में पूरे उत्साह और तैयारी के साथ भाग लिया और कठिन चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा किया।

10 किलोमीटर दौड़ में प्रेम नारायण शर्मा का प्रदर्शन सबसे खास रहा। 65 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपने आयु वर्ग के अन्य प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया और गोल्ड मेडल जीत लिया। उनके साथ इस श्रेणी में इंदौर के विकास बांगर विशाल बांगर और नेतिक जायसवाल ने भी हिस्सा लिया और सफलतापूर्वक अपनी दौड़ पूरी की। प्रेम नारायण शर्मा की सफलता ने यह संदेश दिया कि फिटनेस और खेल के प्रति समर्पण के लिए उम्र कोई सीमा नहीं होती।

मैराथन की सबसे कठिन श्रेणी 42 किलोमीटर फुल मैराथन मानी जाती है। इस चुनौतीपूर्ण दौड़ में भी इंदौर के खिलाड़ियों ने अपनी मजबूत तैयारी का परिचय दिया। विनोद चौधरी राजीव लाठ सौरभ जुनेजा दीपक जायसवाल अरविंद दुबे अमृतेश मोदी और अम्वेश कुमार राजपूत ने फुल मैराथन में हिस्सा लेकर शानदार प्रदर्शन किया। लंबी दूरी और लगातार शारीरिक क्षमता की मांग करने वाली इस दौड़ को पूरा करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।

21 किलोमीटर हाफ मैराथन में भी इंदौर के धावकों ने जबरदस्त दमखम दिखाया। जयश्री नाहटा हार्दिक पांडे मोहन पांडे यवल लड्ढा पीयूस लड्ढा अर्पित मुंदड़ा कपिल सोनी और ज्योत्सना वाडिया ने अपनी गति और सहनशक्ति के दम पर दौड़ पूरी की। इन धावकों के प्रदर्शन ने साबित किया कि इंदौर में मैराथन और फिटनेस को लेकर लोगों का जुनून लगातार बढ़ रहा है।

इस सफलता के पीछे खिलाड़ियों की महीनों की कड़ी मेहनत भी शामिल रही। धावकों के कोच मनीष गौड़ के अनुसार सभी खिलाड़ियों ने हैदराबाद मैराथन के लिए लगभग छह महीने तक लगातार कठिन प्रशिक्षण लिया था। नियमित अभ्यास लंबी दूरी की दौड़ फिटनेस और सहनशक्ति पर काम करने के बाद खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इसी अनुशासन और मेहनत का परिणाम है कि इंदौर के धावकों ने अलग अलग श्रेणियों में शानदार प्रदर्शन किया।

प्रेम नारायण शर्मा की स्वर्णिम सफलता खास तौर पर इसलिए भी प्रेरक है क्योंकि उन्होंने 65 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की है। उनका प्रदर्शन उन लोगों के लिए एक बड़ा संदेश है जो बढ़ती उम्र के साथ अपने शरीर और सपनों को सीमित मानने लगते हैं। सही दिनचर्या लगातार मेहनत और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ किसी भी उम्र में नई उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

हैदराबाद मैराथन में इंदौर के धावकों की इस उपलब्धि पर शहर के खेल प्रेमियों ने खुशी जताई है। 65 वर्षीय प्रेम नारायण शर्मा का गोल्ड मेडल और अन्य धावकों का शानदार प्रदर्शन इंदौर के लिए गर्व का क्षण बन गया है। छह महीने की मेहनत के बाद मिली यह सफलता एक बार फिर साबित करती है कि मंजिल तक पहुंचने के लिए उम्र नहीं बल्कि हौसले की जरूरत होती है।

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