भोपाल में स्मार्ट पार्किंग का नया दौर: नंबर प्लेट पहचानते ही कटेगा शुल्क, FASTag और UPI से मिलेगी आसान सुविधा
शहर में डिजिटल पार्किंग व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी दिशा में 9 जुलाई से भोपाल की पांच मल्टीलेवल पार्किंग में कैशलेस पार्किंग व्यवस्था लागू की गई थी। इसके तहत पार्किंग शुल्क के नकद भुगतान को पूरी तरह प्रतिबंधित कर डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता दी गई। अब FASTag सुविधा शुरू होने के बाद पार्किंग व्यवस्था और अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
इस स्मार्ट पार्किंग सिस्टम की सबसे खास बात ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन तकनीक है। पार्किंग स्थल के प्रवेश द्वार पर लगाए गए ANPR कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को स्वतः पहचानेंगे। इसके बाद FASTag रीडर वाहन की जानकारी को डिजिटल रूप से दर्ज करेगा और पार्किंग रिकॉर्ड अपने आप तैयार हो जाएगा। वाहन चालक को टिकट लेने या किसी कर्मचारी के पास भुगतान के लिए रुकने की जरूरत कम होगी।
जब वाहन पार्किंग से बाहर निकलेगा तब भी यही आधुनिक तकनीक काम करेगी। एग्जिट प्वाइंट पर लगे ANPR कैमरे वाहन की पहचान करेंगे और FASTag आधारित सिस्टम के माध्यम से निर्धारित पार्किंग शुल्क की प्रक्रिया पूरी होगी। भुगतान होने के बाद वाहन आसानी से बाहर निकल सकेगा। इससे पार्किंग के प्रवेश और निकास दोनों स्थानों पर होने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
नई व्यवस्था से उन वाहन चालकों को सबसे अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है जो रोजाना व्यस्त बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में पार्किंग का उपयोग करते हैं। न्यू मार्केट और एमपी नगर जैसे इलाकों में वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है। ऐसे में पार्किंग के लिए समय बचाना लोगों के लिए बड़ी सुविधा साबित हो सकता है। डिजिटल सिस्टम के जरिए प्रवेश और निकास की प्रक्रिया तेज होने से वाहनों की कतार भी कम होने की संभावना है।
नगर निगम द्वारा FASTag भुगतान को प्राथमिकता दी जा रही है लेकिन वाहन चालकों के लिए वैकल्पिक भुगतान की सुविधा भी रखी गई है। यदि किसी वाहन का FASTag किसी तकनीकी कारण से काम नहीं करता है तो चालक QR कोड और UPI के जरिए पार्किंग शुल्क जमा कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर अन्य परिस्थितियों में नकद भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध रखी गई है।
भोपाल की यह पहल शहर में स्मार्ट और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। FASTag आधारित पार्किंग व्यवस्था से जहां लोगों का समय बचेगा वहीं भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। आने वाले समय में यदि इस तकनीक का विस्तार शहर की अन्य पार्किंगों तक किया जाता है तो भोपाल की पार्किंग व्यवस्था पहले से कहीं अधिक तेज आधुनिक और सुविधाजनक बन सकती है।
