उत्तराखंड में बारिश के बाद खुले अधिकांश रास्ते
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पिथौरागढ़ में टनकपुर-तवाघाट हाईवे अब भी बंद
देहरादून। उत्तराखंड में बारिश के कारण मार्गों का खुलने और बंद होने का सिलसिला जारी है। देहरादून जिले में शनिवार सुबह तक बारिश का दौर थमा रहा, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में मलबा आने से चार ग्रामीण मोटर मार्ग अब भी बंद हैं।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की सुबह 8:30 बजे की रिपोर्ट के अनुसार जिले में पिछले 24 घंटे में औसतन 5.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा सहस्रधारा क्षेत्र में 13 मिलीमीटर रही।
जिले में 15 जून से अब तक बारिश और भूस्खलन के कारण बंद हुए 643 मार्गों में से 639 को यातायात के लिए खोल दिया गया है, जबकि चार मार्ग अभी बाधित हैं। इनमें ग्रामीण मार्ग शामिल हैं, जहां मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है।
लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियां मार्ग खोलने में जुटी हैं। रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, मुख्य जिला मार्ग और अन्य जिला मार्गों पर फिलहाल कोई अवरोध नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में बंद मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर खोला जा रहा है।
खतरे से नीचे: नदियों का जलस्तर
गंगा, यमुना और टोंस नदी का जलस्तर फिलहाल चेतावनी स्तर से नीचे है। टोंस नदी का जलस्तर 644.40 मीटर दर्ज किया गया, जबकि गंगा नदी का जलस्तर 339.1 मीटर रहा। यमुना का जलस्तर 454.17 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि जिले में पांच स्थानों पर जलभराव की स्थिति बताई गई है, जिसके निस्तारण के लिए कार्रवाई गतिमान है।
जिले में बिजली आपूर्ति सुचारु बताई गई है। पेयजल से संबंधित 23 शिकायतें अब तक प्राप्त हुई हैं, जिनमें 22 का निस्तारण किया जा चुका है। पेड़ गिरने की एक घटना और दो आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की सूचना भी रिपोर्ट में दर्ज है। अतिसंवेदनशील स्थलों पर प्रशासन और नगर निगम की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
तीन जगह बंद: टनकपुर-तवाघाट नेशनल हाईवे
पिथौरागढ़। टनकपुर-तवाघाट नेशनल हाईवे तीन जगह बंद हो गया है। तवाघाट -लिपुलेख मार्ग कुलगाड़ के पास वापस बंद हो गया है। बीआरओ की टीम मार्ग खोलने में लगी है। धारचूला, तेजम, बंगापानी में जमकर बारिश हुई है। चीन सीमा का संपर्क कटा हुआ है।
