दतिया हार के बाद भाजपा में समीक्षा शुरू, सीएम आवास पर हुई बड़ी बैठक, भीतरघात की होगी जांच
सोमवार को आए उपचुनाव परिणामों में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों से पराजित किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, चुनाव प्रभारी भारत सिंह कुशवाह, मंत्री राव उदय प्रताप सिंह सहित करीब दो दर्जन वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने भी बैठक में पहुंचकर कथित भीतरघात से जुड़े ऑडियो साक्ष्य संगठन के समक्ष रखे।
भीतरघात और फर्जी प्रचार की होगी जांच
सूत्रों के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं होने के कारण कुछ स्थानीय पार्षदों और संगठन पदाधिकारियों की भूमिका की समीक्षा की जा रही है। चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित भ्रामक पोस्ट और फर्जी पत्रों की भी जांच होगी। ऐसे मामलों में शामिल लोगों की सूची तैयार कर उनके राजनीतिक संबंधों की पड़ताल की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने टिकट नहीं मिलने के बावजूद भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में सक्रिय प्रचार किया था, लेकिन इसके बावजूद पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।
दो सदस्यीय जांच समिति गठित
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने चुनावी हार के कारणों की विस्तृत समीक्षा के लिए प्रदेश महामंत्री गौरव रणदीवे और वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा की दो सदस्यीय समिति बनाई है। समिति जमीनी स्तर पर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से चर्चा कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपेगी।
खंडेलवाल ने स्पष्ट कहा कि भाजपा में अनुशासन सर्वोपरि है और संगठन के नियमों के विरुद्ध कार्य करने वाले किसी भी कार्यकर्ता या पदाधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
पार्टी के भीतर भी उठे सवाल
चुनाव परिणाम के बाद भाजपा के भीतर से भी आत्ममंथन की आवाजें सामने आई हैं। पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने सोशल मीडिया पर “आत्ममंथन का समय…” लिखकर संगठन को संकेत दिया, जबकि टीकमगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष उमिता राहुल सिंह ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कार्यकर्ताओं की जगह अधिकारी प्रभावी होने लगते हैं तो चुनावी परिणाम प्रभावित होते हैं।
जनादेश स्वीकार, भविष्य की तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का निर्णय सर्वोपरि होता है और भाजपा जनादेश का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि पार्टी अपनी कमियों का आकलन करेगी और भविष्य में अधिक मजबूती के साथ जनता के बीच जाएगी।
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह को 66,757 (42.39%) और भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 60,741 (38.57%) मत मिले। हार के बाद भाजपा ने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और चुनावी रणनीति की समीक्षा का अभियान शुरू कर दिया है।
