July 31, 2026

NEET आंदोलन के समर्थन के बाद बढ़ा सियासी विवाद, कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप- पुलिस ने 10 बार बदलवाया बयान

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इंदौर इंदौर में NEET परीक्षा से जुड़े छात्र आंदोलन के समर्थन को लेकर कांग्रेस और पुलिस प्रशासन के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे से गुरुवार को पंढरीनाथ थाने में करीब पांच घंटे तक पूछताछ की गई। इस दौरान उन्हें लंबे समय तक थाने में बैठाए रखने की खबर फैलते ही पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा सहित कई कांग्रेस नेता और समर्थक थाने पहुंच गए। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जमा होने से थाने के बाहर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की। बाद में पुलिस ने चौकसे को जाने की अनुमति दे दी।

थाने से बाहर आने के बाद चिंटू चौकसे ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि कांग्रेस ने टंट्या भील चौराहे पर NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया था और इसी वजह से उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने कई घंटे तक उन्हें बैठाए रखा और बयान में बार-बार संशोधन कराया। उनके अनुसार वहां मौजूद पुलिसकर्मी केवल वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन कर रहे थे और पूरा घटनाक्रम पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर हुआ।

चौकसे ने दावा किया कि उनके बयान में लगभग दस बार संशोधन कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार बयान की भाषा और उसमें लिखी गई बातों को बदलने का दबाव बनाया गया। उनके मुताबिक यह केवल एक व्यक्ति को परेशान करने का मामला नहीं बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि जो भी जनता की आवाज उठाता है या छात्र, किसान और आम लोगों के आंदोलनों का समर्थन करता है, उसे प्रशासनिक दबाव के जरिए चुप कराने का प्रयास किया जा रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी नेता राहुल गांधी के आह्वान पर कांग्रेस देशभर में छात्रों के समर्थन में खड़ी है और इंदौर में भी पार्टी ने NEET अभ्यर्थियों के आंदोलन को समर्थन दिया था। उनका आरोप है कि जैसे ही प्रशासन को कांग्रेस की सक्रिय भूमिका की जानकारी मिली, छह महीने पुराने मामले में उन्हें नोटिस भेज दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है।

चौकसे ने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पहले कांग्रेस कार्यालय पर हमला हुआ, पत्थरबाजी हुई और कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हुए, लेकिन पुलिस ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की जबकि भाजपा से जुड़े लोगों के खिलाफ अज्ञात आरोपियों के रूप में मामला दर्ज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस के माध्यम से विपक्षी नेताओं को परेशान कर रही है और आंदोलनों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। चिंटू चौकसे ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में आने वाले दिनों में इंदौर पुलिस के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी और राजनीतिक विरोध की आवाज को दबाने के किसी भी प्रयास का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा।

हालांकि इस मामले में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में कांग्रेस के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

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