July 26, 2026

Uttarakhand: पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट का हार्ट अटैक से निधन

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hira singh ji
  • राजनीतिक दलों में शाेक की लहर

उत्तराखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट(85) का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। उनके निधन से कांग्रेस समेत सभी दलों में शोक की लहर है। शनिवार देर रात तबीयत बिगड़ने पर उन्हें देहरादून के ईसी रोड स्थित सिटी हार्ट हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां रात करीब 1:30 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके पैतृक गांव नालापाली के श्मशान घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

हीरा सिंह बिष्ट पूरे जीवन कांग्रेस के लिए समर्पित रहे। उन्होंने अविभाजित उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं। साथ ही वह इंटक के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व सीएम हरीश रावत, प्रीतम सिंह, डॉक्टर हरक सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना समेत पार्टी के कई नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया।

राजनीति की शुरुआत: छात्र संघ अध्यक्ष से की थी
सत्तर के दशक की शुरुआत में पश्चिम उत्तरप्रदेश के सबसे बड़े महाविद्यालय डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून के छात्र संघ अध्यक्ष के रूप में राजनीति की शुरुआत करने वाले हीरा सिंह बिष्ट युवा कांग्रेस से होते हुए उत्तरप्रदेश व उत्तराखंड के प्रमुख स्तंभ रहे। इंटक के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक कर्मचारियों व श्रमिकों के हितों के लिए भी संघर्ष करते रहे।

एनडी तिवारी सरकार में वह कैबिनेट मंत्री रहे। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में रायपुर सीट से अंतिम चुनाव लड़ा था। लेकिन वह हार गए थे। अंतिम समय तक वह कांग्रेस में एक सक्रिय नेता के रूप में रहे।

हीरा सिंह बिष्ट उत्तराखंड कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में गरीबों, मजदूरों, कर्मचारियों और वंचित वर्ग के अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाई। इंटक के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने श्रमिक हितों से जुड़े कई आंदोलनों का नेतृत्व किया।
राजनीति में उनकी पहचान एक सादगीपूर्ण और जनसरोकारों से जुड़े नेता की रही। कांग्रेस संगठन को मजबूत करने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। उनके निधन को उत्तराखंड की राजनीति और श्रमिक आंदोलन के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।

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