EU पर ट्रंप का बड़ा वार, व्यापारिक नीतियों की जांच के आदेश, बोले- 'अमेरिका यूरोप की गुल्लक नहीं'
यह फैसला ऐसे समय आया है, जब एक दिन पहले ही यूरोपीय संघ ने डिजिटल प्रतिस्पर्धा (एंटीट्रस्ट) नियमों के उल्लंघन के मामले में गूगल पर 89 करोड़ यूरो (करीब एक अरब डॉलर) का जुर्माना लगाया था। ईयू का आरोप है कि गूगल ने अपने प्ले स्टोर और सर्च इंजन के जरिए अपनी सेवाओं और ऐप्स को प्राथमिकता देकर निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को प्रभावित किया।
‘अमेरिका किसी का गुल्लक नहीं’
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने पहले भी यूरोपीय संघ को अमेरिकी कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाने को लेकर चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा, “अमेरिका यूरोप की गुल्लक नहीं है। हम अपनी कंपनियों को लूटने नहीं देंगे।”
ट्रंप ने आरोप लगाया कि यूरोपीय संघ का रवैया “अवैध और अनैतिक” है और इसके लिए उसे बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी कंपनियों से वसूले गए जुर्माने अंततः वापस लिए जाएंगे।
टैरिफ बढ़ाने के भी दिए संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिए कि उनकी सरकार जल्द ही यूरोपीय संघ से आयात होने वाले उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाने की दिशा में भी कदम उठा सकती है। उनका कहना है कि अमेरिकी कारोबारों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक सभी विकल्पों पर विचार किया जाएगा।
पहले भी बढ़ाए जा चुके हैं आयात शुल्क
ट्रंप की यह घोषणा ऐसे समय हुई है, जब व्हाइट हाउस हाल ही में 60 से अधिक देशों से आने वाले आयातित उत्पादों पर दोहरे अंकों वाले नए टैरिफ लागू करने का ऐलान कर चुका है। अमेरिका का आरोप है कि कई देश जबरन श्रम (Forced Labour) से बने उत्पादों पर प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर रहे हैं।
ये नए शुल्क पहले से लागू अस्थायी 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ की जगह लेंगे। ट्रंप प्रशासन इन कदमों को ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 के तहत आगे बढ़ा रहा है, जो अमेरिका को किसी देश की कथित अनुचित या भेदभावपूर्ण व्यापारिक नीतियों के जवाब में आयात शुल्क और अन्य व्यापारिक प्रतिबंध लगाने का अधिकार देती है।
