July 22, 2026

बेटों को बचाने मां टैंक में उतरी…पर काल तीनों को ले गया

0
Haldwani water-tank-accident
  • परिवार के तीन सदस्यों की जान जाने से पसरा मातम

हल्द्वानी में पानी के टैंक की शटरिंग खोलने के दौरान मां और दो बेटों की मौत हो गई। टैंक के अंदर जहरीली गैस बन गई थी, जिसकी चपेट में आते ही तीनों बेसुध हो गए। जब काफी देर तक तीनों दिखाई नहीं दिए तो परिजनों और पड़ोसियों ने उनकी तलाश शुरू की।

इसके बाद तीनों को टैंक के अंदर देखकर लोगों ने बाहर निकाला और डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी। घटना मंगलवार रात करीब 7 बजे की है।

इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। एसडीएम हल्द्वानी मोनिका आर्या ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सके।

ऐसे समझें सिलसिलेवार घटनाक्रम…

शटरिंग खोलने टैंक में उतरा बड़ा बेटा- मंगलवार शाम करीब 7 बजे, 38 वर्षीय धर्मेंद्र बिष्ट (पेशे से प्लंबर) अपने घर के पास बनी पानी की नई टंकी की शटरिंग खोलने के लिए अंदर उतरे। शटरिंग का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने और टैंक के भीतर बनी दमघोंटू गैस के असर से धर्मेंद्र अचानक अचेत होकर गिर पड़े।

बड़े भाई को बचाने पहुंचा छोटा भाई- धर्मेंद्र के काफी देर तक वापस न लौटने पर उनका छोटा भाई 34 वर्षीय खुशाल सिंह बिष्ट (प्राइवेट फैक्ट्री कर्मी) उन्हें देखने टैंक में उतरा। वह भी तुरंत जहरीली गैस की चपेट में आकर बेसुध हो गया।

दोनों बेटों को बचाने उतरीं मां- जब दोनों बेटे बाहर नहीं आए, तो उनकी 59 वर्षीय मां सरस्वती देवी उन्हें बचाने के लिए बिना सोचे-समझे टैंक में उतर गईं। दमघोंटू माहौल के कारण वे भी वहीं अचेत होकर गिर पड़ीं।

चौथे सदस्य को गैस का अहसास, बची जान- परिवार का एक और सदस्य जब तीनों को बचाने के लिए टैंक की तरफ बढ़ा, तो उसे तीव्र जहरीली गैस का अहसास हुआ। खतरे को भांपते हुए वह तुरंत पीछे हट गया, जिससे उसकी जान बच गई।

ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत से निकाला बाहर- शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण और परिजन मौके पर इकट्ठा हुए। काफी मशक्कत के बाद तीनों को टैंक से बाहर निकाला गया और तुरंत वाहन से अस्पताल ले जाया गया।

डॉक्टरों ने मृत घोषित किया- देर रात करीब 8:40 बजे ग्रामीणों की मदद से तीनों को डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, ईएमओ डॉ. मोहित और डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें टूट चुकी थीं।

मूल रूप से ओखलकांडा का था परिवार
पुलिस के अनुसार, बिष्ट परिवार मूल रूप से नैनीताल जिले के ओखलकांडा स्थित कौंता गांव का रहने वाला है। बड़ा बेटा धर्मेंद्र प्लंबर का काम करता था और छोटा बेटा खुशहाल प्राइवेट फैक्ट्री में कार्यरत था। दोनों अपनी मां सरस्वती देवी के साथ मानपुर गांव में रह रहे थे।

घटना की सूचना मिलते ही एसओ तारा सिंह राणा पुलिस टीम के साथ अस्पताल और मौके पर पहुंचे। वहीं एसडीएम हल्द्वानी मोनिका आर्या ने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि नियमानुसार आगे की आवश्यक और आर्थिक सहायता संबंधी कार्रवाई की जा सके। फिलहाल शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *