J&K में भयंकर बाढ़ से बिगड़े हालात …. लाल चौक समेत कई इलाके हुए जलमग्न
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में सोमवार सुबह हुई भारी बारिश के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। श्रीनगर (Srinagar) के मुख्य और ऐतिहासिक लाल चौक (Historic Lal Chowk) समेत कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता हैं। खराब मौसम और बाढ़ के खतरे को देखते हुए श्री अमरनाथ यात्रा को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इस बीच केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला दिल्ली में बताए जा रहे हैं।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की खुली पोल
अनुच्छेद 370 हटने के बाद पर्यटकों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरे लाल चौक और घंटाघर की बाढ़ वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। जलभराव के बाद श्रीनगर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट सवालों के घेरे में आ गया है।
ड्रेनेज सिस्टम के फेल होने पर आम लोग और इंटरनेट यूजर्स प्रशासन को घेर रहे हैं। श्रीनगर नगर निगम (SMC) का कहना है कि करीब दो घंटे तक हुई भारी बारिश के कारण ड्रेनेज सिस्टम ओवरफ्लो हो गया। जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए हैं। SMC का यह भी दावा है कि अप्रैल 2017 में शुरू हुए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मंजूर सभी काम पूरे हो चुके हैं।
कंजर्वेशन आर्किटेक्ट हाकिम समीर हमदानी ने इस प्रोजेक्ट को ‘आत्माविहीन और फोटोशॉप’ बताते हुए कहा कि बारिश के पानी को प्रबंधित करने और ग्राउंडवॉटर को रिचार्ज करने के लिए शहर में कोई एकीकृत और उचित सिस्टम मौजूद नहीं है।
सीएम उमर अब्दुल्ला ने दिए ऑडिट के आदेश
जलभराव की स्थिति पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि थोड़ी सी बारिश से लाल चौक समेत शहर का बड़ा हिस्सा डूब गया, जो स्पष्ट रूप से ड्रेनेज सिस्टम की विफलता को दर्शाता है। सीएम ने कहा कि सरकार यह जानना चाहती है कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के नाम पर अब तक वास्तव में क्या हासिल किया गया है। कैबिनेट ने स्मार्ट सिटी पहल के तहत दिए गए ठेकों और प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन पर चिंता जताते हुए इसकी विफलता की जांच के लिए बाहरी ऑडिट के आदेश दे दिए हैं। गौरतलब है कि पिछले साल लोकसभा में आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने बताया था कि श्रीनगर में 3,634 करोड़ रुपये की लागत से 161 स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पूरे किए जाने थे।
अमरनाथ यात्रा निलंबित, 23 जुलाई तक स्कूल बंद
19 जुलाई से श्री अमरनाथ यात्रा को बालटाल और पहलगाम, दोनों मार्गों से अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। हालात को देखते हुए सरकार ने राज्य भर में स्कूलों की छुट्टियां 23 जुलाई तक के लिए बढ़ा दी हैं।
अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम?
IMD के निदेशक मुख्तार अहमद ने चेतावनी दी है कि कश्मीर में अगले तीन दिनों तक व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का भारी खतरा है। लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और पहाड़ी ढलानों, नदियों व नालों के पास बिल्कुल न जाएं।
राहत-बचाव कार्य तेज, एलजी ने की समीक्षा
उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा ने सबसे अधिक प्रभावित राजौरी और पुंछ समेत अन्य जिलों में हालात की समीक्षा की है। डोडा में दो लोगों की जान जाने पर एलजी ने गहरा दुख जताया है। NDRF, SDRF, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना की टीमें तैनात कर दी गई हैं और संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। पुंछ, राजौरी, रियासी और उधमपुर में प्रमुख सड़कों को आवाजाही के लिए फिर से खोल दिया गया है। कई इलाकों में पानी की आपूर्ति बहाल करने का काम युद्धस्तर पर जारी है। फील्ड टीमों को घरों और सार्वजनिक संपत्तियों को हुए नुकसान का तत्काल आकलन करने का निर्देश दिया गया है।
दिल्ली में नेशनल कॉन्फ्रेंस का प्रदर्शन
जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दर्जे को लेकर जारी सियासी टकराव के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, मंत्रियों, विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन किया और केंद्र शासित प्रदेश के लिए राज्य का दर्जा तत्काल बहाल करने की मांग की।
संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन आयोजित यह प्रदर्शन हालांकि कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संसद मार्च के कारण सुर्खियों में पीछे रह गया। उमर अब्दुल्ला सुबह जम्मू से दिल्ली पहुंचे थे, लेकिन कॉजपा के प्रदर्शन के मद्देनजर भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण वह जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल तक नहीं पहुंच सके।
नेकां के लगभग 100 प्रदर्शनकारी हाथों में ”अपना वादा पूरा करो” और ”पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करो” लिखी तख्तियां लिए हुए थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लिए राज्य का दर्जा बहाल करने में देरी को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। बाद में मुख्यमंत्री कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुंचने का प्रयास कर रहे थे, जहां जम्मू-कश्मीर के लिए राज्य के दर्जे की मांग को लेकर एक संगोष्ठी आयोजित की जानी थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
”रिस्टोर स्टेटहुड” लिखी जैकेट पहने उमर अशोक रोड पर सड़क किनारे बैठ गए। इस दौरान कॉजपा के प्रदर्शन में शामिल कुछ युवा भी उनके साथ बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने ”मोदी का वादा, क्यों रहा आधा?” जैसे नारे भी लगाए। पुलिस ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के पास बढ़ती भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, जबकि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और उनके समर्थक धरने पर बैठे हुए थे।
बाद में पत्रकारों से बातचीत में उमर ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा, ”यहां बाकी लोगों के साथ हमें भी आंसू गैस का निशाना बनाया गया। यह बेहद शर्मनाक है।” उमर ने कहा, ”हम अपने करीब 100 समर्थकों के साथ दिल्ली आए थे ताकि केंद्र से जल्द राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग कर सकें, लेकिन यहां भी हमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई। लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है।” उन्होंने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से न्याय की मांग को लेकर आए युवाओं पर भी आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया।
