लखनऊ के जवाहर भवन में चौथी मंजिल पर लगी आग, समय रहते खाली कराई गई इमारत, दमकल ने बड़े हादसे को टाला
घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। आग को फैलने से रोकने के लिए इमारत के विभिन्न हिस्सों को तत्काल खाली कराया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया। राहत कार्य के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि भवन के भीतर कोई व्यक्ति फंसा न रह जाए।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने घटनास्थल की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि आग भवन की चौथी मंजिल पर स्थित कैंटीन क्षेत्र से शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि दमकल विभाग ने समय रहते आग पर काबू पा लिया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच कराई जाएगी। प्रारंभिक स्तर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी।
जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बताया कि सुबह लगभग 10 बजे आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही फायर सर्विस की टीमें बिना विलंब मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू कर दिया। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे भवन को खाली कराया गया और इमारत के अंदर मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। अधिकारियों के अनुसार राहत अभियान के दौरान किसी व्यक्ति के अंदर फंसे होने की पुष्टि नहीं हुई।
फायर सर्विस के अधिकारियों ने बताया कि आग पर नियंत्रण पाने के लिए 10 से अधिक फायर टेंडरों की सहायता ली गई। दमकल कर्मियों ने समन्वित तरीके से काम करते हुए आग को अन्य मंजिलों तक फैलने से रोका। आग बुझने के बाद भवन के प्रभावित हिस्से का निरीक्षण किया गया ताकि किसी संभावित खतरे को समाप्त किया जा सके।
घटना के बाद जवाहर भवन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई और संबंधित विभागों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए। प्रशासन अब आग से प्रभावित हिस्से की तकनीकी जांच कराने के साथ-साथ भवन की सुरक्षा व्यवस्था का भी आकलन करेगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
जवाहर भवन में राज्य सरकार के कई महत्वपूर्ण विभाग संचालित होते हैं, इसलिए घटना के बाद प्रशासन ने प्राथमिकता के आधार पर राहत, सुरक्षा और जांच की प्रक्रिया शुरू की। समय पर की गई कार्रवाई और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय के कारण एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आग लगने के कारणों का पता लगाया जाएगा और आवश्यक सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा।
