July 21, 2026

NEET-UG 2026 की वायरल OMR शीट्स पर NTA का बड़ा खुलासा, डिजिटल छेड़छाड़ वाले दस्तावेज बताए, परिणामों को पूरी तरह सही ठहराया

0
22-1784544481

नई दिल्ली ।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा की ओएमआर उत्तर-पत्रिकाओं को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि जिन ओएमआर शीट्स को अभ्यर्थियों की वास्तविक उत्तर-पत्रिका बताकर साझा किया जा रहा है, वे एनटीए द्वारा जारी आधिकारिक दस्तावेज नहीं हैं। प्रारंभिक जांच में इन्हें डिजिटल रूप से छेड़छाड़ कर तैयार किए गए फर्जी दस्तावेज पाया गया है और घोषित परीक्षा परिणामों में किसी प्रकार की त्रुटि नहीं मिली है।

एनटीए के अनुसार हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कुछ अभ्यर्थियों की कथित ओएमआर उत्तर-पत्रिकाओं की तस्वीरें साझा कर यह दावा किया गया कि उनके परीक्षा परिणाम गलत घोषित किए गए हैं। एजेंसी ने इन सभी मामलों की अलग-अलग जांच की और रिकॉर्ड में सुरक्षित मूल दस्तावेजों का मिलान किया। जांच के बाद यह निष्कर्ष निकला कि आधिकारिक रिकॉर्ड में उपलब्ध वास्तविक ओएमआर उत्तर-पत्रिकाएं घोषित परिणामों का पूरी तरह समर्थन करती हैं और मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने नहीं आई।

एजेंसी ने बताया कि प्रत्येक अभ्यर्थी की वास्तविक ओएमआर उत्तर-पत्रिका उसके सुरक्षित रिकॉर्ड में उपलब्ध है। इन उत्तर-पत्रिकाओं पर सही रोल नंबर, टेस्ट बुकलेट नंबर, बारकोड, क्रम संख्या, टेस्ट बुकलेट कोड, अभ्यर्थी और अभिभावकों का विवरण, अभ्यर्थी के हस्ताक्षर, अंगूठे का निशान तथा परीक्षा कक्ष के निरीक्षकों के हस्ताक्षर दर्ज हैं। यही प्रमाणित ओएमआर उत्तर-पत्रिकाएं रिस्पॉन्स-की चैलेंज अवधि के दौरान संबंधित अभ्यर्थियों के पंजीकृत ई-मेल पते पर भेजी गई थीं और पोर्टल पर भी उपलब्ध कराई गई थीं।

एनटीए ने कहा कि जांच के दौरान यह भी पाया गया कि सोशल मीडिया पर वायरल दस्तावेजों में कई प्रकार की डिजिटल छेड़छाड़ की गई है। कुछ मामलों में अतिरिक्त उत्तर चिह्न जोड़ दिए गए, कहीं नाम बदल दिए गए, जबकि कुछ दस्तावेजों में निरीक्षकों के प्रमाणित हस्ताक्षरों और अन्य विवरणों में भी फेरबदल किया गया। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि ऐसे दस्तावेजों को आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं माना जा सकता और इनका उद्देश्य अभ्यर्थियों तथा अभिभावकों को भ्रमित करना है।

एजेंसी ने अवनीश श्रीवास्तव से जुड़े वायरल दावों पर भी विस्तार से स्पष्टीकरण दिया। एनटीए के अनुसार उसके रिकॉर्ड में सुरक्षित वास्तविक ओएमआर उत्तर-पत्रिका पर अभ्यर्थी का सही नाम, अभिभावकों का विवरण, हस्ताक्षर और अन्य सभी आवश्यक विवरण दर्ज हैं। जबकि सोशल मीडिया पर प्रसारित दस्तावेज में अलग नाम और अभिभावकों की जानकारी दिखाई गई है, जो नीट-यूजी 2026 के किसी भी पंजीकृत अभ्यर्थी से मेल नहीं खाती। इसी प्रकार प्रतिभा त्रिवेदी, अभय यादव और लक्ष्य सिंह से जुड़े मामलों की भी जांच की गई, जिनमें घोषित परिणाम आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुरूप पाए गए।

एनटीए ने चेतावनी दी है कि किसी फर्जी, जाली या डिजिटल रूप से परिवर्तित ओएमआर उत्तर-पत्रिका का निर्माण, प्रसार या उपयोग सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत संज्ञेय अपराध है। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता, 2023 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के प्रावधानों के तहत भी संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

एजेंसी ने सभी अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अप्रमाणित सामग्री पर भरोसा न करें। यदि किसी अभ्यर्थी को अपने परिणाम या ओएमआर उत्तर-पत्रिका को लेकर वास्तविक शिकायत है तो वह निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करे। एनटीए ने दोहराया कि परीक्षा परिणाम आधिकारिक रिकॉर्ड, उत्तर-कुंजी और मूल्यांकन प्रक्रिया के अनुरूप हैं तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास किया जाना चाहिए।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *