July 21, 2026

जंतर-मंतर प्रदर्शन को तुषार गांधी का समर्थन, बोले- आंदोलन अब नई पीढ़ी का बन चुका है, परिवार के सदस्य भी मार्च में हुए शामिल

0
13-1784537618

नई दिल्ली ।
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी CJP के प्रदर्शन को सोमवार को महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी का समर्थन मिला। उन्होंने आंदोलन के समर्थन में सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह अभियान अब केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि देश की नई पीढ़ी भी इससे जुड़ रही है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि उनकी बेटी कस्तूरी और दामाद हर्ष भी संसद तक प्रस्तावित मार्च में शामिल होकर इस आंदोलन का हिस्सा बने हैं।

तुषार गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है। उनके अनुसार यह अब केवल सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक या CJP तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में युवा इसमें भागीदारी कर रहे हैं। उन्होंने इसे नई पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी का उदाहरण बताते हुए कहा कि आंदोलन का स्वरूप लगातार व्यापक होता जा रहा है।

उन्होंने अपने परिवार की भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि उनकी बेटी कस्तूरी और दामाद हर्ष संसद मार्च में शामिल हुए। उनके अनुसार दोनों ने परिवार का प्रतिनिधित्व करते हुए शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध में भाग लिया। तुषार गांधी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रयोग का हिस्सा बताया और कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी किसी भी जन आंदोलन को व्यापक स्वरूप देती है।

तुषार गांधी ने अपने वक्तव्य में केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन के प्रति संवेदनशील रुख अपनाने के बजाय उसे नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन का उल्लेख किया और कहा कि उस समय भी नेतृत्व की गिरफ्तारी के बावजूद जनभागीदारी के कारण आंदोलन जारी रहा था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध और असहमति व्यक्त करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है।

अपने वक्तव्य में तुषार गांधी ने अभिनेता आमिर खान और फिल्म निर्देशक राजकुमार हिरानी की फिल्म “3 इडियट्स” का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्हें फिल्म पसंद आई थी, लेकिन उन्हें यह अच्छा नहीं लगा कि सोनम वांगचुक के संदर्भ में “इडियट” शब्द का उपयोग किया गया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म निर्माताओं द्वारा यह स्पष्ट किया जाना उचित था कि फिल्म सीधे तौर पर सोनम वांगचुक के जीवन पर आधारित नहीं थी।

दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन को लेकर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। समर्थक इसे लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का माध्यम बता रहे हैं, जबकि राजनीतिक स्तर पर भी इसे लेकर अलग-अलग मत व्यक्त किए जा रहे हैं। तुषार गांधी के समर्थन और उनके परिवार की भागीदारी ने इस आंदोलन को लेकर चर्चा को और तेज कर दिया है।

फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और इससे जुड़े घटनाक्रमों पर सभी की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में आंदोलन की दिशा और सरकार की प्रतिक्रिया पर राजनीतिक तथा सामाजिक स्तर पर बहस जारी रहने की संभावना है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *