July 18, 2026

हरियाली तीज 2026: कब है व्रत? जानें शुभ तिथि, पूजा विधि, धार्मिक महत्व और जरूरी नियम

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नई दिल्ली। सावन का महीना अपने साथ हरियाली, उमंग और धार्मिक आस्था लेकर आता है। इसी पावन माह में मनाई जाने वाली हरियाली तीज सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखती है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित कन्याएं मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए पूजा-अर्चना करती हैं।

कब है हरियाली तीज 2026?
हिंदू पंचांग के अनुसार हरियाली तीज हर वर्ष सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। वर्ष 2026 में हरियाली तीज 15 अगस्त, शनिवार को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा का विधान है।
पूजा मुहूर्त – सुबह 7.29 – सुबह 9.08
दोपहर का मुहूर्त – दोपहर 12.25 – शाम 5.22

हरियाली तीज का धार्मिक महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने कठोर तपस्या के बाद भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। उनके अटूट समर्पण और तप से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी स्वीकार किया। इसी कारण यह पर्व अखंड सौभाग्य, वैवाहिक सुख और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। सुहागिन महिलाएं माता गौरी से सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मांगती हैं, जबकि कुंवारी कन्याएं योग्य वर की कामना करती हैं।

ऐसे करें हरियाली तीज की पूजा
– ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय से पहले स्नान कर हरे या लाल रंग के वस्त्र धारण करें।
– मिट्टी से बनी भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें।
– पूजा में मेहंदी, सिंदूर, चूड़ियां, बिंदी, काजल सहित सुहाग का पूरा श्रृंगार अर्पित करें।
– व्रत का संकल्प लेकर माता गौरी का ध्यान करें और सोलह श्रृंगार अर्पित करें।
– भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भांग और अक्षत चढ़ाकर शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा करें।
– पूजा के अंत में हरियाली तीज की व्रत कथा सुनना या पढ़ना आवश्यक माना गया है।

त्योहार की रौनक
हरियाली तीज पर महिलाएं हाथों में मेहंदी रचाती हैं, पारंपरिक गीत गाती हैं और झूला झूलकर पर्व का आनंद लेती हैं। इस अवसर पर घेवर, मालपुआ और अन्य पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं। यह त्योहार मायके और ससुराल के रिश्तों में प्रेम और अपनापन बढ़ाने का भी प्रतीक माना जाता है।

व्रत के दौरान क्या करें और क्या न करें

क्या करें
– सात्विक भोजन का पालन करें।
– दान-पुण्य करें और बड़ों का आशीर्वाद लें।
– घर में सकारात्मक और धार्मिक वातावरण बनाए रखें।

क्या न करें
– काले या नीले रंग के वस्त्र पहनने से बचें।
– क्रोध, विवाद और किसी के प्रति द्वेष की भावना न रखें।
– तामसिक भोजन का सेवन न करें और व्रत के नियमों का श्रद्धापूर्वक पालन करें।

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