June 30, 2026

नगर निकाय चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक बदलाव बैतूल को नगर निगम बनाने की तैयारी तेज 26 पंचायतों का सर्वे शुरू

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नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में अगले वर्ष प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनाव से पहले बैतूल को नगर निगम का दर्जा दिए जाने की तैयारी तेज हो गई है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने प्रस्तावित नगर निगम की सीमा तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कलेक्टर को उन ग्राम पंचायतों का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है जिन्हें नई नगर निगम सीमा में शामिल किया जाना प्रस्तावित है। इसी रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार अंतिम निर्णय लेगी।

बैतूल को नगर निगम बनाने की चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और स्थानीय विधायक हेमंत खंडेलवाल का विधानसभा क्षेत्र है। प्रशासनिक स्तर पर इस दिशा में गतिविधियां तेज होने के बाद इस प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर भी चर्चाएं बढ़ गई हैं।

नगर निगम गठन की प्रक्रिया के तहत जनपद पंचायत बैतूल की मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने प्रस्तावित ग्राम पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों का विस्तृत ब्यौरा तैयार कराया है। इसमें पंचायत सचिव रोजगार सहायक और अन्य कर्मचारियों की जानकारी एकत्र की गई है। यह रिपोर्ट संबंधित एसडीएम और राजस्व अधिकारियों के माध्यम से कलेक्टर को भेजी जा चुकी है ताकि प्रशासनिक मूल्यांकन पूरा किया जा सके।

जानकारी के अनुसार इस विषय पर जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बैठक भी आयोजित की गई है जिसमें प्रस्तावित क्षेत्रों को नगर निगम सीमा में शामिल करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसके बाद संबंधित गांवों की प्रशासनिक स्थिति आबादी और अन्य आवश्यक मानकों का परीक्षण शुरू किया गया है।

प्रस्ताव के अनुसार कुल 26 ग्राम पंचायतों को बैतूल नगर निगम की सीमा में शामिल किया जा सकता है। इनमें कढ़ाई दनोरा बड़ोरा आरूल बाजपुर भैंसदेही खेड़ली मरामझिरी टेमनी जामठी खेड़ला डहरगांव खेड़ी सांवलीगढ़ महदगांव भड़ूस कुम्हारटेक भोगीतेड़ा रोढ़ा सूरगांव भरकावाड़ी खंडारा मलकापुर मिलानपुर बयावाड़ी ढोड़वाड़ा और खड़ला शामिल हैं। इन क्षेत्रों के शामिल होने से नगर निगम की आबादी और क्षेत्रफल दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

यदि राज्य सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो नगर निगम गठन से पहले कैबिनेट की स्वीकृति आवश्यक होगी। इसके बाद संबंधित ग्राम पंचायतों को पंचायत क्षेत्र से हटाकर नगर निगम सीमा में शामिल किया जाएगा। साथ ही इन क्षेत्रों के मतदाताओं के नाम पंचायत मतदाता सूची से हटाकर नगर निगम की मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। पूरी प्रक्रिया समय पर पूरी करना आवश्यक होगा ताकि अगले नगरीय निकाय चुनाव नई व्यवस्था के तहत कराए जा सकें।

वर्तमान में मध्य प्रदेश में 16 नगर निगम हैं। इनमें भोपाल इंदौर ग्वालियर जबलपुर उज्जैन सागर रीवा सतना सिंगरौली छिंदवाड़ा रतलाम मुरैना कटनी देवास खंडवा और बुरहानपुर शामिल हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री पहले ही विदिशा को नगर निगम बनाने की घोषणा कर चुके हैं हालांकि वहां प्रक्रिया अभी अंतिम चरण तक नहीं पहुंची है। अब बैतूल को लेकर भी प्रशासनिक प्रक्रिया तेज होने से आने वाले महीनों में महत्वपूर्ण फैसला होने की संभावना जताई जा रही है।

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