June 30, 2026

एक पल की चूक बनी जिंदगी भर का दर्द मां के वॉशरूम जाते ही बेड से गिरा 44 दिन का मासूम

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मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के इंदौर से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है जहां महज 44 दिन के एक मासूम की बेड से गिरने के बाद मौत हो गई। यह घटना एरोड्रम थाना क्षेत्र के रुक्मणी नगर छोटा बांगड़दा इलाके की है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय बच्चे की मां कुछ देर के लिए वॉशरूम गई थीं। इसी दौरान मासूम करवट लेते हुए करीब तीन फीट ऊंचे बेड से नीचे गिर गया। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी हालत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

जानकारी के अनुसार रात के समय परिवार घर में सो रहा था। मां थोड़ी देर के लिए वॉशरूम गई थीं जबकि पिता गहरी नींद में थे। इसी बीच 44 दिन का मासूम प्रियांशु करवट बदलते हुए बेड के किनारे तक पहुंच गया और नीचे गिर पड़ा। गिरते ही बच्चा जोर जोर से रोने लगा। उसकी आवाज सुनकर पिता की नींद खुली। उन्होंने देखा कि बच्चे के चेहरे और मुंह पर गंभीर चोट लगी है जिसके बाद परिवार में अफरा तफरी मच गई।

परिजन बिना देर किए बच्चे को नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे तुरंत एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की लेकिन मंगलवार सुबह करीब पांच बजे इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

एरोड्रम थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक बच्चे का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है जिसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। शुरुआती जांच में मामला हादसा माना जा रहा है हालांकि सभी पहलुओं की जांच जारी है।

मृतक बच्चे की पहचान प्रियांशु पुत्र चंद्रशेखर कुमार के रूप में हुई है। परिवार मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और रोजी रोजगार के लिए इंदौर में किराए के मकान में रहता है। बच्चे के पिता सिलाई का काम करते हैं। परिवार में दो साल की एक बेटी भी है। 44 दिन पहले ही घर में बेटे के जन्म से खुशियां आई थीं लेकिन एक दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

विशेषज्ञों का कहना है कि नवजात और छोटे बच्चों को कभी भी ऊंचे बेड पर अकेला नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि जन्म के कुछ सप्ताह बाद ही बच्चे अनजाने में करवट लेने लगते हैं। ऐसे में थोड़ी सी असावधानी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। बच्चों को हमेशा सुरक्षित पालने में सुलाना या बेड के चारों ओर सुरक्षा व्यवस्था रखना जरूरी माना जाता है ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

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