June 5, 2026

महंगी उड़ानों और बढ़ती ईंधन लागत के बावजूद नहीं थमा घूमने का जुनून, घरेलू पर्यटन मांग में जोरदार उछाल

0
43-1780575528
नई दिल्ली । बढ़ती ईंधन कीमतों, महंगे हवाई किरायों और वैश्विक स्तर पर परिचालन चुनौतियों के बावजूद भारतीयों का घूमने-फिरने का उत्साह बरकरार है। गर्मी की छुट्टियों के दौरान देशभर में पर्यटन गतिविधियों में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिल रही है। ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा आर्थिक दबावों के बावजूद घरेलू पर्यटन बाजार मजबूत स्थिति में बना हुआ है और लोगों की यात्रा संबंधी प्राथमिकताओं में बदलाव देखने को मिल रहा है।

इस वर्ष गर्मी के मौसम में कई प्रमुख हवाई मार्गों पर टिकट कीमतों में 30 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विमान ईंधन की बढ़ती लागत और कुछ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर एयरस्पेस संबंधी बाधाओं के कारण एयरलाइंस का परिचालन खर्च बढ़ा है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग छुट्टियां मनाने के लिए यात्रा पर निकल रहे हैं। हालांकि यात्रियों का एक वर्ग अब अपने बजट के अनुसार गंतव्य और यात्रा के साधनों में बदलाव कर रहा है।

ट्रैवल उद्योग से जुड़े आंकड़े बताते हैं कि लोग अब दूरस्थ और महंगे पर्यटन स्थलों के बजाय अपने शहरों के आसपास स्थित आकर्षक स्थानों को प्राथमिकता दे रहे हैं। सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। परिवार और मित्रों के साथ समूह में यात्रा करने का चलन भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे निजी वाहनों, टैक्सियों और बस सेवाओं की मांग में उल्लेखनीय उछाल देखा गया है।

कई लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ दर्ज की गई है। पहाड़ी क्षेत्रों और ठंडे मौसम वाले स्थानों में लंबी वाहन कतारें और यातायात दबाव भी देखने को मिला है। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि यह संकेत है कि महंगाई के बावजूद लोगों की प्राथमिकताओं में यात्रा और मनोरंजन अभी भी महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।

महंगे हवाई सफर का सबसे बड़ा लाभ रेल और सड़क परिवहन क्षेत्र को मिला है। घरेलू यात्राओं के लिए बड़ी संख्या में लोग अब ट्रेन और बस सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। विशेष रूप से हिल स्टेशनों और वीकेंड डेस्टिनेशन के लिए बस बुकिंग में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है। इससे परिवहन क्षेत्र को अतिरिक्त कारोबार मिला है।

अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के मामले में तस्वीर थोड़ी अलग दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों के अनुसार लंबी दूरी वाले गंतव्यों की मांग में कुछ नरमी आई है। अमेरिका और पश्चिमी यूरोप जैसे देशों की यात्रा अपेक्षाकृत महंगी हो गई है, जिसका असर बुकिंग पर पड़ा है। रुपये की कमजोरी, बढ़ती यात्रा लागत और लंबी उड़ानों के बढ़ते खर्च ने भी यात्रियों के फैसलों को प्रभावित किया है।

हालांकि विदेश यात्रा करने वाले भारतीय अब अपेक्षाकृत कम दूरी और बजट अनुकूल देशों को प्राथमिकता दे रहे हैं। वियतनाम, श्रीलंका, सिंगापुर और थाईलैंड जैसे गंतव्य तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। ये देश कम लागत, आसान कनेक्टिविटी और बेहतर पर्यटन सुविधाओं के कारण भारतीय पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं।

होटल उद्योग के लिए भी यह सीजन उत्साहजनक रहा है। कई प्रमुख पर्यटन स्थलों पर होटल ऑक्यूपेंसी 70 से 75 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। जयपुर, गोवा, आगरा और विभिन्न हिल स्टेशनों में होटल बुकिंग मजबूत बनी हुई है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू पर्यटन की यह मजबूती भारतीय अर्थव्यवस्था में उपभोक्ता खर्च और सेवा क्षेत्र की सकारात्मक स्थिति को भी दर्शाती है।

कुल मिलाकर, बढ़ती लागत और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारतीय यात्रियों ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि यात्रा और अवकाश अब उनकी जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। यही कारण है कि बदलते हालात के अनुसार योजनाएं और बजट समायोजित करने के बावजूद पर्यटन क्षेत्र में मांग लगातार मजबूत बनी हुई है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *