June 10, 2026

ऑटो की किश्तें नहीं भर पाया तो ड्राइवर ने लगाई फांसी, इंदौर में दो सुसाइड केस से हड़कंप

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नई दिल्ली। इंदौर शहर में बुधवार रात दो अलग-अलग स्थानों पर आत्महत्या के दर्दनाक मामले सामने आए, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों ही घटनाओं में शुरुआती कारण आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

पहली घटना विजयनगर थाना क्षेत्र की है, जहां अंबिका नगर निवासी 28 वर्षीय विशाल वर्मा ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजन तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

परिवार के अनुसार विशाल ऑटो रिक्शा चलाता था और उसने फाइनेंस से वाहन लिया था। पिछले तीन वर्षों से वह नियमित रूप से किश्तें चुका रहा था, लेकिन पिछले दो महीनों से आर्थिक परेशानी के कारण वह भुगतान नहीं कर पा रहा था। इसी वजह से वह लगातार मानसिक तनाव में था। परिजनों ने बताया कि फाइनेंस कंपनी की ओर से लगातार किश्त जमा करने के लिए कॉल आ रहे थे, जिससे उसकी चिंता और बढ़ गई थी।

परिवार ने यह भी बताया कि विशाल घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके पीछे माता-पिता, पत्नी और एक छोटी बेटी है, जिससे परिवार पर गहरा संकट खड़ा हो गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

दूसरी घटना छोटी ग्वालटोली क्षेत्र की है, जहां बजरंग होटल के कमरे में 25 वर्षीय पवन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पवन मूल रूप से ग्वालियर का रहने वाला था और अपने दोस्त विपिन के साथ काम के सिलसिले में इंदौर आया था।

जानकारी के अनुसार दोनों युवक बड़वानी में एक शराब दुकान पर काम करते थे। आरोप है कि दुकान के मैनेजर द्वारा एक महीने का भुगतान नहीं किया गया और दोनों के साथ मारपीट कर उन्हें वहां से भगा दिया गया था। इसके बाद से ही पवन मानसिक रूप से परेशान था।

घटना से पहले पवन ने अपने चचेरे भाई को फोन कर आत्महत्या करने की बात भी कही थी। सूचना मिलने पर उसका दोस्त विपिन होटल पहुंचा, लेकिन कमरा अंदर से बंद था। होटल कर्मचारियों की मदद से दरवाजा खोला गया तो पवन फंदे पर लटका मिला। उसे तुरंत एमवाय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या के पीछे की परिस्थितियों की विस्तृत जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर आर्थिक दबाव, नौकरी की अस्थिरता और मानसिक तनाव को मुख्य कारण माना जा रहा है।

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