टीकमगढ़ में किसान की रहस्यमयी मौत, 11 लाख के लेनदेन पर उठे सवाल
मृतक के बड़े भाई रामेश्वर यादव का आरोप है कि गांव के राम चरण नपित, हर चरण नपित और राजकुमार नपित ने मोहन यादव की हत्या की है। परिजनों के अनुसार, मोहन यादव ने करीब 10 साल पहले रामचरण और हरचरण को लगभग 11 लाख रुपए उधार दिए थे, जो अब तक वापस नहीं किए गए थे।
बताया जा रहा है कि चार दिन पहले मोहन यादव पैसे वापस मांगने आरोपियों के घर गए थे, जहां दोनों पक्षों के बीच विवाद भी हुआ था। इसके बाद परिवार में तनाव की स्थिति बनी हुई थी।
परिजनों का दावा है कि घटनास्थल से राम चरण उर्फ कल्लू की तौलिया बरामद हुई है, जिसे वे इस मामले का महत्वपूर्ण सबूत मान रहे हैं। इसी आधार पर परिवार ने हत्या की आशंका और मजबूत होने की बात कही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां मेडिकल जांच के बाद रिपोर्ट तैयार की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
परिजनों ने बताया कि पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। गांव में घटना के बाद तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और लोग मामले को लेकर चर्चा कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस इस मौत को संदिग्ध मानते हुए जांच में जुटी हुई है। जांच पूरी होने और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
