चोरी की बुलेट को बना दिया कमाई का धंधा, पुलिस ने किया खुलासा
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के नाम शिवेंद्र, वीरेंद्र और पंकज हैं, जिन्हें टीआई सियाराम गुर्जर की टीम ने दबोचा है। आरोपियों के पास से करीब एक दर्जन वाहन बरामद किए गए हैं, जिनमें चार बुलेट बाइक भी शामिल हैं। यह गिरोह सूने इलाकों और पार्किंग स्थलों को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी सिर्फ शौक या जरूरत के लिए चोरी नहीं करते थे, बल्कि एक संगठित तरीके से महंगी बुलेट चोरी कर उन्हें “ऑर्डर पर उपलब्ध” कराते थे। यानी पहले से डिमांड मिलने पर वाहन चोरी कर उसकी सप्लाई की जाती थी, और कई मामलों में इन्हें किराए पर भी दिया जाता था।
पुलिस ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क में एक अन्य आरोपी साहिल का नाम भी सामने आया था, हालांकि शुरुआती पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह गिरोह कितने समय से सक्रिय था और किन-किन इलाकों में इसकी गतिविधियां फैली हुई थीं।
इसी बीच Indore के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चोरी की अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे शहर में बढ़ते संपत्ति अपराधों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
तिलक नगर इलाके में एक ज्वेलर्स संचालक के घर चोरी की घटना ने भी पुलिस को अलर्ट कर दिया है। पीड़िता के अनुसार, घर में ताला लगाकर बाहर जाने के बाद चोरों ने अलमारी का ताला तोड़कर सोने के गहने और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। चोरी गए सामान में अंगूठियां, चेन, कंगन और अन्य कीमती जेवर शामिल हैं।
वहीं विजयनगर क्षेत्र में एक पुराने चोरी मामले में भी एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें पीड़िता ने अपने ही रिश्तेदारों पर संदेह जताया है। पुलिस इन सभी मामलों की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन और घर चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए पेट्रोलिंग बढ़ाई जा रही है और संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गिरफ्तार गिरोह के तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं।
फिलहाल पुलिस की इस कार्रवाई को शहर में बढ़ते वाहन चोरी के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, लेकिन लगातार सामने आ रही घटनाएं यह संकेत देती हैं कि चोरी की वारदातों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
