March 8, 2026

ट्रंप बोले- जमीनी युद्ध की जरूरत ही नहीं, ईरान की नौसेना खत्म

0
000000000000-1771744121
नई दिल्‍ली। इजरायल-ईरान संघर्ष सातवें दिन और तेज हो गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार तेहरान ने अज़रबैजान और क़तर में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर नए हमले किए। ईरान ने यह भी चेतावनी दी कि भारतीय महासागर में एक ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो से डुबाने के लिए अमेरिका को ‘पछतावा’ होगा। इसी बीच एक धार्मिक नेता ने डोनाल्ड ट्रंप के ‘खून’ की मांग करने वाला बयान दिया।
दूसरी ओर, इजरायली सेना ने बताया कि पिछले 24 घंटों में लेबनान में ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह के 80 ठिकानों पर हमला किया गया। साथ ही ईरान के अंदर भी लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च साइट्स समेत कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए हमलों की एक नई लहर चलाई गई।

इस बीच एक बड़ी घटना में अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा दागे गए टॉरपीडो से श्रीलंका के तट के पास एक ईरानी युद्धपोत डूब गया जिसमें कम से कम 87 लोगों की मौत हो गई।

लगभग 32 लोगों को बचाकर श्रीलंका के दक्षिणी शहर गाले के अस्पताल में भर्ती कराया गया। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि वह युद्धपोत ‘शांत तरीके से डूब गया।’ इसी दौरान कुवैत के पास खाड़ी क्षेत्र में एक तेल टैंकर में भी धमाका हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक जहाज के बाईं ओर बड़ा विस्फोट देखा गया जिसके बाद उसमें पानी भरने लगा। जहाज के कप्तान ने बताया कि धमाके के बाद एक छोटी नाव को उस इलाके से दूर जाते हुए देखा गया। यह घटना कुवैत के मुबारक अल कबीर पोर्ट से लगभग 30 नॉटिकल मील (करीब 56 किमी) दक्षिण-पूर्व में हुई
0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *