ट्रंप को अपनों ने घेरा: नाटो देश के राष्ट्रपति ने कहा, भारत हमारा मित्र

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में बुधवार को कहा कि अगर कोई देश शांति चाहता है, तो उसे हथियारों पर काम करना होगा। हथियार तय करते हैं कि कौन बचेगा। अंतरराष्ट्रीय कानून तब तक काम नहीं करते जब तक आपके पास ऐसे शक्तिशाली दोस्त न हों जो सचमुच इसके लिए खड़े होने को तैयार हों।
दूसरी ओर, एक इंटरव्यू में जेलेंस्की ने अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस दावे को चुनौती दी है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत और चीन रूस की जंग को तेल खरीद के जरिए फंड कर रहे हैं। जेलेंस्की ने साफ किया है कि भारत को लेकर कुछ ऊर्जा खरीद संबंधी सवाल जरूर हैं, लेकिन समग्र रूप से भारत यूक्रेन के पक्ष में खड़ा है। जेलेंस्की ने कहा, मुझे लगता है भारत ज्यादातर हमारे साथ है। ऊर्जा क्षेत्र को लेकर कुछ सवाल हैं, लेकिन मुझे विश्वास है कि राष्ट्रपति ट्रंप इस मुद्दे को सुलझा देंगे।
भारत उभरती महाशक्ति, घनिष्ठ संबंध बनाए पश्चिम: फिनलैंड उधर, नाटो देश फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने अपने कहा कि भारत एक उभरती महाशक्ति है और पश्चिमी देशों को भारत से घनिष्ठ संबंध बनाना चाहिए। भारत को रूस और चीन के साथ नहीं रख सकते।
चीन: युद्ध बंद किए जाने के समर्थन में नहीं
हालांकि चीन को लेकर जेलेंस्की आशान्वित नहीं दिखे। जेलेंस्की ने कहा, चीन के साथ स्थिति कठिन है, क्योंकि अभी रूस का समर्थन बंद करना उसके लिए फायदेमंद नहीं है। हालांकि जेलेंस्की ने यह भरोसा जताया कि ट्रंप कूटनीति से शी जिनपिंग को प्रभावित कर सकते हैं।
जटिल: भारत-रूस से ऊर्जा साझेदारी
जेलेंस्की ने माना कि रूस से भारत की रूस से ऊर्जा और व्यापारिक साझेदारी एक जटिल मसला है, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि नई दिल्ली आगे चलकर अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करेगी। उन्होंने कहा, ऐसे समय में जबकि यूरोप और भारत के बीच रिश्ते मजबूत बन रहे हैं, हमें हर संभव कोशिश करनी चाहिए कि भारत सक्रिय रूप से जुड़ा रहे। मुझे भरोसा है कि अंतत: भारत रूसी ऊर्जा क्षेत्र पर अपनी निर्भरता की स्थिति बदलने पर विचार करेगा।
