March 11, 2026

अंकिता भंडारी हत्याकांड: एसआईटी ने जांच में किसी वीआईपी के होने से किया इंकार

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justice 4 Ankita

– बताए पड़ताल से जुड़े तथ्य

Ankita Bhandari murder case investigation: अंकिता भंडारी हत्याकांड (Ankita Bhandari murder case) मामले में एसआईटी (SIT) ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि अभी तक जांच में किसी वीआईपी का नाम सामने नहीं आया है। हत्याकांड के बाद गठित की गई एसआईटी के सदस्य रहे एसपी देहात हरिद्वार शेखर सुयाल ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में जांच के तथ्य बताए हैं। उन्होंने कहा कि उस वक्त एक कथित वीआईपी की पहचान हुई जरूर थी लेकिन उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिले थे।

सुयाल ने बताया कि हत्याकांड के तत्काल बाद ही यह बात कही जा रही थी कि रिजॉर्ट में किसी वीआईपी को आना था। उसे स्पेशल सेवाएं देने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। अंकिता ने इस बात के लिए इन्कार कर दिया तो उसकी हत्या कर दी गई। उस वक्त तक एक ब्लाइंड केस था। मामले की शुरुआत गुमशुदगी से हुई थी। हालांकि, जब एसआईटी ने इसकी जांच शुरू की तो शुरुआती पांच घंटों में ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

वीआईपी (VIP) का जिक्र अंकिता और उसके मित्र की चैट में भी किया गया था। लिहाजा इसकी गहनता से जांच की गई। अंकिता के मित्र पुष्प के बयान भी दर्ज किए गए। रिजॉर्ट के स्टाफ, अंकिता के दोस्त और अन्य कागजी प्रमाणों को आधार बनाया। इसमें एक स्केच तैयार कराया गया। इसकी पहचान नोएडा निवासी धर्मेंद्र उर्फ प्रधान के रूप में हुई है। अंकिता का दोस्त जो घटना से पहले रिजॉर्ट में आया था उसने उसे पहचान लिया। एसआईटी ने धर्मेंद्र को भी जांच में शामिल किया। धर्मेंद्र की रिजॉर्ट में आवाजाही और उससे जुड़े हर पहलू को जांचा गया।

इसमें उसके खिलाफ कोई भी सबूत नहीं मिले। वह यहां पर जमीन खरीदने के सिलसिले में आया था। उसका स्थानीय निवासी एक साथी उसे खाना खिलाने के लिए रिजॉर्ट में लेकर गया था। इसके अलावा एसआईटी को किसी भी वीआईपी के आने के प्रमाण नहीं मिले हैं। सुयाल ने यह भी स्पष्ट किया कि सजा काट रहे तीनों दोषियों ने अंकिता पर एक्स्ट्रा सर्विस देने का दबाव बनाने वाली बात कबूली है।

उर्मिला सनावर के आरोपों की भी एसआईटी कर रही जांच
एक्ट्रेस उर्मिला सनावर की ओर से फेसबुक लाइव व ऑडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ सहित अन्य लोगों पर लगाए गए आरोपों एवं अंकिता भंडारी प्रकरण से संबंधित कथनों को गंभीरता से लेते हुए अलग से एसआईटी का गठन किया गया है। इसके हर पहलू को जांचा जा रहा है। उर्मिला को नोटिस जारी कर हाजिर होने और अपने बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया है। उसने ऑनलाइन आकर पुलिस सुरक्षा भी मांगी है लेकिन उसका कोई भी पता स्पष्ट नहीं है।

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