May 6, 2026

उत्तराखंड में फिर बदल गई स्कूलों की टाइमिंग, जानें नया शेड्यूल

0
Uttarakhand-school-timing-Change-again

Uttarakhand-school-timing-Change-again

  • शिक्षकों के विरोध के बाद आया फैसला

उत्तराखंड में फिर से स्कूलों की टाइमिंग बदल गई है। शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने स्कूलों के लिए नया शेड्यूल जारी किया है। उत्तराखंड में स्कूल टाइमिंग में बदलाव शिक्षकों के विरोध के बाद किया गया है। अब सरकार ने पूर्व में जारी की गई ग्रीष्मकालीन सत्र के लिए स्कूलों की समय-सारिणी में संशोधन कर दिया है।

 1 घंटा कम किया गया स्कूलों का समय
शिक्षकों के कड़े विरोध के बाद शासन ने स्कूलों का समय 1 घंटे कम करके दोपहर 1 बजे छुट्टी करने का निर्णय लिया है। इसके पहले 1 अप्रैल 2026 को जारी किए गए स्कूलों की टाइमिंग शेड्यूल में दोपहर 2:05 बजे छुट्टी रखी गई थी, जिसका शिक्षकों ने तीखा विरोध किया था। शिक्षकों का कहना था कि गर्मी में लंबे समय तक स्कूल चलने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है और शिक्षण कार्य भी प्रभावित होता है।

अपील: शिक्षकों ने मंत्री से की थी 
शिक्षकों ने स्कूलों का समय घटाने के लिए शिक्षा मंत्री से मांग की। शिक्षकों की मांग के बाद सरकार ने स्कूलों की टाइमिंग बदलने का निर्णय लिया है। नए ग्रीष्मकालीन शेड्यूल के अनुसार, राजकीय, सहायता प्राप्त अशासकीय और निजी प्रारंभिक व माध्यमिक विद्यालयों में सुबह 7:15 बजे प्रार्थना सभा से कक्षाएं शुरू होंगी।

प्रार्थना सभा 15 मिनट की होगी। इसके अलावा हाफटाइम से पहले 4 पीरियड 40-40 मिनट के तथा हाफटाइम के बाद 5वें से 8वें पीरियड 35-35 मिनट के होंगे। कुल पढ़ाई का समय साढ़े 4 घंटे रहेगा। शीतकालीन समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

स्कूलों की शीतकाल में टाइमिंग
शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने बताया कि यह बदलाव केवल ग्रीष्मकाल के लिए है। उन्होंने कहा कि छात्रों और शिक्षकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। सरकार द्वारा जारी नए शेड्यूल के मुताबिक, 1 अक्टूबर से स्कूल सुबह 8:45 बजे शुरू होंगे और छुट्टी दोपहर 3:10 बजे होगी। शीतकाल में पहले 4 पीरियड 45 मिनट तथा बाद के 4 पीरियड 40-40 मिनट के रहेंगे।
सरकार के निर्णय का शिक्षक संगठनों ने स्वागत किया है। शिक्षकों ने उन्होंने उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी उनकी मांगों पर गौर किया जाएगा। नया शेड्यूल तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। अभिभावक भी इस बदलाव से राहत महसूस कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि गर्मी में बच्चों को घर लौटने में आसानी होगी।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *