Uttarakhand: “मल्टीनेशनल कंपनियों से हल्द्वानी तक: समाज सेवा की नई कहानी”
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“कॉर्पोरेट छोड़, समाज की ओर: गुंजन तिवारी का संकल्प”
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“पलायन नहीं, प्रगति चाहिए: हल्द्वानी में नई सोच”
मल्टीनेशनल कंपनियों में ऊँचे पदों पर काम कर चुके गुंजन तिवारी ने कॉर्पोरेट जीवन छोड़कर हल्द्वानी, उत्तराखंड में समाज सेवा का संकल्प लिया। अपनी स्वर्गीय माता के नाम पर उन्होंने पुष्पा मेमोरियल फाउंडेशन की स्थापना की, जो आज क्षेत्र में बदलाव की नई किरण है।
सबसे बड़ी समस्या:
उत्तराखंड की सबसे गंभीर चुनौती है पलायन। रोजगार की कमी से गाँव खाली हो रहे हैं और युवा शहरों की ओर जा रहे हैं। गुंजन तिवारी इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए स्वरोजगार को बढ़ावा दे रहे हैं। जरूरतमंदों को वे बिना ब्याज एक साल तक आर्थिक सहयोग देते हैं, ताकि लोग अपना काम शुरू कर सकें।
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मुख्य पहल:
शिक्षा: मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए छात्रवृत्ति / स्कॉलरशिप प्रदान करते हैं।
नशामुक्ति व खेल प्रोत्साहन: युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल सामग्री और अवसर उपलब्ध कराते हैं।
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गरीबों की मदद: सर्दियों में कपड़े, स्कूलों में पंखे व वाटर प्यूरिफायर जैसी सुविधाएँ प्रदान करते हैं।
महिला स्वास्थ्य: गर्भवती महिलाओं के लिए कम दामों पर टेस्ट की सुविधा प्रदान की गई है, ताकि आने वाली पीढ़ी स्वस्थ रहे।
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: गुंजन तिवारी का संदेश :
“पलायन नहीं, प्रगति चाहिए। नशा नहीं, खेल चाहिए। बेरोजगारी नहीं, स्वरोजगार चाहिए।”
उनकी पहल हल्द्वानी ही नहीं, पूरे उत्तराखंड के लिए प्रेरणा बन रही है।

