March 8, 2026

Haridwar samachar: गैर हिंदुओं का प्रवेश निषेध, रील बनाना भी पूरी तरह वर्जित…हरकी पैड़ी पर जगह-जगह लगा दिए गए बोर्ड

0
non-hindus-entry-is-prohibited

Haridwar News : हरिद्वार में हर की पैड़ी में गैर हिंदुओं का प्रवेश निषेध हो गया है। इसके लिए हर की पैड़ी में जगह-जगह बोर्ड भी लगा दिए गए हैं। बोर्डों में साफ तौर पर लिखा गया है कि इन स्थानों पर अहिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित है। मर्यादा और पवित्रता बनाए रखने के लिए हर की पैड़ी व मालवीय द्वीप पर ड्रोन उड़ाने पर भी पाबंदी लगा दी गई है।

दरअसल तीर्थ की मर्यादा बनाए रखने के लिए श्रीगंगा सभा ने हर की पैड़ी समेत कई घाटों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश को निषेध कर दिया। इस बारे में शुक्रवार को विभिन्न जगहों पर बैनर व बोर्ड लगा दिए गए हैं। श्रीगंगा सभा ने ब्रिटिश हुकूमत में लागू म्यूनिसपल एक्ट के तहत यह कदम उठाया है। बोर्ड में स्पष्ट रूप से चेतावनी लिखी गई है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

हरकी पैड़ी समेत मालवीय द्वीप व अन्य घाटों पर लगे इन बैनरों की शुक्रवार को लोगों को चर्चा रही। इसमें श्रीगंगा सभा ने स्पष्ट तौर पर लिख दिया कि घाटों पर किसी तरह से फिल्मी गीत पर वीडियो या रील्स बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि किसी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर इस तरह के वीडियो प्रसारित होते दिखे तो उसके खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी। मामले को लेकर प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। वहीं व्यापारी से लेकर आमजन इसे सनातन की रक्षा में उठाया गया कदम बता रहे हैं।

ज्ञात हो कि हिंदू धर्मावलंबी लंबे समय से गंगा घाटों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की मांग उठा रहे हैं। नगर निगम के बायलॉज के अनुसार भी गंगा के कुछ घाटों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक का प्रावधान है। इधर, बीते दिनों हरिद्वार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें दो लोग खुद को दुबई का बताते हुए हरिद्वार में रील बना रहे थे। उन लोगों ने पहनावा भी दुबई के शेखों की तरह पहना हुआ था। सोशल मीडिया में वह पोस्ट वायरल होने के बाद हंगामा मच गया था। घटना से तीर्थ पुरोहित भी गुस्से में आ गए थे। इसी को देखते हुए अब हर की पैड़ी आदि पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है। इससे संबंधित बोर्ड भी जगह-जगह चस्पा कर दिए गए हैं।

बोर्ड लगाने का उद्देश्य है कि बीते दिनों हुई घटनाओं को लेकर अब सजग रहना होगा। सभी को समझना होगा कि तीर्थ की मर्यादा क्या है और यहां आने से पहले किन नियमों का अनुपालन करना है। सनातन धर्म के साथ हो रहे खिलवाड़ को अभी पूरी दुनिया ने देखा है इसके संरक्षण की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। – नितिन गौतम, अध्यक्ष, श्रीगंगा सभा

महामना ने किया था श्रीगंगा सभा का गठन
महामना मदन मोहन मालवीय ने गंगा नदी के अविरल धारा को बनाए रखने के लिए सन् 1916 में तीर्थ पुरोहितों और महंतों के साथ मिलकर श्रीगंगा सभा का गठन किया था। उन्होंने अंग्रेजों के बनाए जा रहे बांधों और बाधाओं से गंगा के पवित्र स्वरूप को बचाने की दिशा में यह कदम उठाया था। वह इसमें कामयाब भी हुए जिससे आज तक गंगा की धारा अविरल बह रही है।

ये भी पढे़ं…Uttarakhand: लाखों का पैकेज छोड़ उत्तराखंड वापस लौटे,अब यहां की समस्याओं को हल करने की है जिद…..

अंग्रेजों ने माना था सबसे पवित्र स्थान
हरिद्वार शहर को अंग्रेजों ने भी पवित्र और हिंदू सनातन संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण माना था। उन्होंने न केवल अपने शासन काल में इसे म्यूनिसिपल का दर्जा दिया, बल्कि एक्ट बनाकर बायलॉज में लिख दिया कि इस क्षेत्र के तीन किलोमीटर के दायरे में न तो मांस मदिरा का कोई सेवन कर सकता है न ही बिक्री होगी।

ऐसा करने पर होगी कार्रवाई
हरिद्वार के घाटों पर रिल्स बनाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। इससे माहौल भी खराब होने की आशंका भी बनी रहती है। इसी को लेकर इन दिनों श्रीगंगा सभा की ओर से हरिद्वार के घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों की व्यवस्था व मर्यादा को लेकर मंथन चल रहा है।
श्रीगंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ के मुताबिक बीते दिनों वायरल हुए वीडियो की जानकारी पुलिस प्रशासन को दे दी गई थी। कहा कि माहौल बिगाड़ने के लिए इस तरह का काम किया जा रहा है। किसी भी प्रकार के फिल्मी गानों पर फिल्म और रील बनाना भी पूर्णतः वर्जित है। श्रीगंगा सभा ने इस प्रकार से रील्स आदि सोशल मीडिया पर वायरल करने पर कानूनी कार्यवाही की चेतावनी दी है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *