जिम के बाहर गैंगस्टर की हत्या: जानें ताइक्वांडो सिखाते-सिखाते, विक्रम कैसे बना क्राइम की दुनिया का मास्टर माइंड
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कई वारदातों का रहा साजिशकर्ता , ऐसे बनाया था रसूख

उत्तराखंड के देहरादून में शुक्रवार को दिनदहाड़े एक और हत्या हो गई। सिल्वर सिटी मॉल में झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा को दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। विक्रम पर झारखंड में 50 से अधिक मामले दर्ज हैं। इनमें कई हत्याएं, अपहरण और रंगदारी मांगने के मामले शामिल हैं। काशीपुर में विक्रम का स्टोन क्रशर है और वह प्रॉपर्टी के कारोबार में भी सक्रिय था। शुरुआती जांच में पुलिस रंजिश के कारण हत्या होना मान रही है।
बताया जाता है ताइक्वांडो सिखाते-सिखाते विक्रम शर्मा क्राइम की दुनिया का मास्टरमाइंड बन गया। पिता अमित लाल के साथ उत्तराखंड से झारखंड पहुंचे विक्रम ने ऐसा रसूख बनाया कि हर बड़े कांड में उसका नाम आने लगा। जमशेदपुर में कई हत्याओं और बम धमाके में साजिशकर्ता तक के रूप में उसका नाम सामने आया।
कई बार विक्रम की हत्या की खबरें भी फैलीं लेकिन, वह बार-बार अपराध का नया इतिहास लेकर सामने आ जाता था। बात सन 2000 से पहले की है। विक्रम के पिता अमित लाल टाटा स्टील में नौकरी करने के लिए उत्तराखंड से झारखंड शिफ्ट हुए थे। विक्रम ताइक्वांडो का शौकीन था।
वह तत्कालीन बीएमपी ग्राउंड में ट्रेनिंग देता था। झारखंड का गैंगस्टर अखिलेश तब उसका छात्र था। विक्रम का छोटा भाई अरविंद शर्मा अखिलेश सिंह का दोस्त था, ऐसे में दोनों के बीच घरेलू संबंध थे। वर्ष 1999 में अखिलेश सिंह ने तेल कारोबारी ओम प्रकाश काबरा का अपहरण किया।

तब पुलिस ने इस मामले में विक्रम सिंह के घर पर छापा मारा था। यह पहली दफा था जब विक्रम का पुलिस से एक आरोपी के तौर पर सामना हुआ। यही उसका अपराध की दुनिया में पहला कदम भी था। पुलिस को छापे में पिंकी की फोटो मिली थी। पिंकी ओम प्रकाश के साथी कारोबारी अशोक शर्मा की पत्नी थी। विक्रम के भाई अरविंद शर्मा ने 1998 में जमशेदपुर में अशोक की हत्या कर दी। बाद में अरविंद ने पिंकी से शादी कर ली। इस हत्याकांड के बाद अरविंद अब तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है।
जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाने के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने बताया कि विक्रम ओम प्रकाश के बाद टाटा स्टील के सुरक्षा अधिकारी जयराम हत्याकांड और बम धमाके की घटनाओं के बाद चर्चा में आया। उसने अखिलेश के साथ इन घटनाओं को अंजाम तक पहुंचाया था। अखिलेश इस समय झारखंड की उप राजधानी दुमका की जेल में बंद है।
विक्रम: इन घटनाओं में भी साजिशकर्ता रहा
1- श्री लेदर्स के मालिक आशीष डे की हत्या
2- रवि चौरसिया पर फायरिंग
3- पूर्व जज आरपी रवि पर फायरिंग
4- कांग्रेस नेता नट्टू झा के कार्यालय पर गोली कांड

विक्रम: राजनेताओं, प्रेस और पुलिस प्रबंधन में माहिर था
विक्रम थ्री पी यानी पॉलिटिशियन, प्रेस और पुलिस प्रबंधन में माहिर था। झारखंड के बड़े-बड़े राजनेताओं के साथ उसके अच्छे संबंध थे। सूत्रों के अनुसार विक्रम आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी भी कर रहा था। इसके लिए वह अलग-अलग नेताओं से मुलाकात करता था। उसने अखिलेश सिंह को चुनाव की तैयारी करने की जिम्मेदारी सौंंपी थी। अखिलेश जेल से ही तैयारियों में जुटा हुआ था।
विक्रम: झारखंड में न्यूज पोर्टल भी चलाता था
झारखंड आधारित पुलिस सूत्रों के मुताबिक विक्रम शर्मा झारखंड में एक न्यूज पोर्टल भी चलाता था। इसमें कुछ लोगों की साझेदारी भी है। विक्रम पर लोगों को ब्लैकमेल कर रंगदारी मांगने की बात भी सामने आई है। लोगों के मन में उसका काफी खौफ रहता था।
