Dhami Cabinet Meeting: उत्तराखंड में पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 1965 दोबारा होगा लागू
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पढ़ें कैबिनेट के फैसले

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार (10 फरवरी) को कैबिनेट की मीटिंग आयोजित की गई, छह अहम प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी मिली। बैठक के बाद मुख्यमंत्री सचिव शैलेश बगौली ने मीडिया को सरकार के इन अहम फैसलों की जानकारी दी।
कर्मचारियों को राहत, बोनस एक्ट फिर लागू
श्रम विभाग की ओर से एक बड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 1965 को दोबारा लागू करने का निर्णय लिया है। कोरोना महामारी के दौरान इस कानून में किए गए संशोधनों को अब वापस लिया जा रहा है। इससे करीब 1965 कर्मचारियों को बोनस मिलना शुरू हो जाएगा।
बड़ा इजाफा: स्वास्थ्य सेवाओं में
ईएसआई अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए सरकार ने 2006 की नियुक्ति नियमावली में बदलाव किया है। अब 94 नए पदों का सृजन किया जाएगा, जिनमें ग्रेड-ए के 11, सीनियर मेडिकल ऑफिसर के 6 और असिस्टेंट डायरेक्टर का एक पद है। मेडिकल सिलेक्शन बोर्ड के जरिए इन पदों पर भर्ती की जाएगी।
ड्रग माफिया पर लगाम के लिए नए पद स्वीकृत
नशे की तस्करी रोकने के लिए गृह विभाग में नारकोटिक्स एक्ट 1985 के तहत 22 नए पदों को हरी झंडी मिली है। इनमें डीएसपी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं।
सख्ती: बार-बार अपराध करने वालों पर
उत्तराखंड कारागार नियमावली 2024 में संशोधन कर एक नया प्रावधान जोड़ा गया है। अब बार-बार जुर्म करने वालों को केंद्र सरकार के कानून के मुताबिक ‘आदतन अपराधी’ घोषित किया जा सकेगा।
दैनिक श्रमिकों को बड़ी सौगात
893 दैनिक श्रमिकों में से अभी तक सिर्फ 304 को ही न्यूनतम वेतन मिल रहा था, जबकि 589 श्रमिक इससे वंचित थे। कैबिनेट ने फैसला किया है कि अब सभी पात्र दैनिक श्रमिकों को कम से कम 18,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाएगा।
खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा
कृषि विभाग के तहत चल रही प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य योजना के साथ अब राज्य सरकार की मुख्यमंत्री खाद्य योजना को भी जोड़ा जाएगा। इसके तहत लाभार्थियों को 25 फीसदी तक की सब्सिडी का लाभ मिलेगा। सरकार का कहना है कि ये फैसले प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाने और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं।
