हरिद्वार के 120 वर्ग किलोमीटर कुंभ क्षेत्र को गैर-हिंदू मुक्त घोषित किया जाए: श्री गंगा सभा की मांग

Demand to declare Haridwar Kumbh area as non-Hindu area: हरिद्वार को गैर-हिंदू मुक्त क्षेत्र घोषित करने की मांग की गई है। यह मांग सभी सरकारी कार्यालयों, संस्थानों, मीडिया कर्मियों, या फिर किसी अन्य विभाग पर लागू हो। श्री गंगा सभा की तरफ से यह मांग की गई है, जिसमें कहा गया है कि पंडित मदन मोहन मालवीय और ब्रिटिश शासन के बीच समझौता हुआ था। समझौते में बताया गया था कि तीर्थ नगरी की पवित्रता को बनाए रखने के लिए गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी। ऐसे में 120 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में पहले 105 घाटों को सनातन शहर घोषित किया जाए।
श्री गंगा सभा ने की मांग
उत्तराखंड के हरिद्वार में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने बताया कि हरिद्वार और ऋषिकेश को सनातन शहर घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि 1916 में पंडित मदन मोहन मालवीय और ब्रिटिश शासन के बीच समझौता हुआ था, जिसमें इस बात का प्रावधान था कि तीर्थ नगरी की पवित्रता को बनाए रखने के लिए गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। लेकिन आगे चलकर इसका पालन नहीं किया गया।?
120 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के 105 घाटों पर लागू हो नियम
श्री गंगा महासभा ने कहा है कि हरिद्वार कुंभ क्षेत्र के सभी गंगा घाटों को गैर-हिंदू मुक्त जोन घोषित किया जाना चाहिए। इन क्षेत्रों में पड़ने वाले सरकारी कार्यालयों, संस्थानों, मीडिया कर्मियों पर भी यह नियम लागू होना चाहिए। यह नियम केवल श्रद्धालुओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए। हरिद्वार के 120 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में के 105 घाटों में प्रतिबंध लागू किया जाए और हरिद्वार-ऋषिकेश को सनातन शहर घोषित किया जाए।
