October 14, 2026

ढिकाला पर्यटन जोन: 15 नवंबर से खुलेगा, 21 दिसंबर तक बुकिंग फुल

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Dhakala zone
  • पर्यटकों में जबरदस्त क्रेज

रामनगर में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के सबसे लोकप्रिय ढिकाला पर्यटन जोन को लेकर पर्यटकों में ऐसा जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है कि मानसून के बाद जोन खुलने से पहले ही यहां रात्रि विश्राम के लिए 21 दिसंबर 2026 तक की बुकिंग फुल हो चुकी है। 15 नवंबर से पर्यटकों के लिए खुलने जा रहे ढिकाला जोन की ऑनलाइन बुकिंग शुरू होते ही पर्यटकों ने कमरों की बुकिंग के लिए होड़ लगा दी। पहले स्लॉट में 15 से 21 नवंबर तक के सभी कमरे बुक हो गए, जबकि दूसरे स्लॉट में 22 नवंबर से 21 दिसंबर तक की बुकिंग भी पहले ही दिन पूरी तरह फुल हो गई।

ढिकाला जोन खुलने से पहले ही अगले 45 दिनों तक रात्रि विश्राम के लिए पर्यटकों को जगह मिलना मुश्किल हो गया है। ढिकाला के जंगल, विशाल घासभूमियां, रामगंगा नदी और बाघ समेत वन्यजीवों के दीदार की उम्मीद इस जोन को पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय बनाती है। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर में स्थित कॉर्बेट टाइगर रिजर्व देश-विदेश में वन्यजीव पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है।

कॉर्बेट के तमाम पर्यटन जोनों में ढिकाला की अपनी अलग पहचान है, यहां की विशाल घासभूमियां, जंगलों के बीच बहती रामगंगा नदी, प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों की मौजूदगी पर्यटकों को आकर्षित करती है। लेकिन, ढिकाला का सबसे बड़ा आकर्षण जंगल के भीतर बने ऐतिहासिक विश्राम गृहों में रात्रि विश्राम करना है। यही वजह है कि मानसून के बाद इस जोन के खुलने का इंतजार पर्यटक हर साल बेसब्री से करते हैं। इस बार भी ऑनलाइन बुकिंग खुलते ही पर्यटकों के बीच ढिकाला में ठहरने को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक साकेत बडोला के अनुसार ढिकाला जोन 15 नवंबर 2026 से पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। यहां रेस्ट हाउसों में रात्रि विश्राम के लिए नियमानुसार यात्रा की तारीख से 45 दिन पहले ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। बुकिंग का पहला स्लॉट 4 अक्टूबर 2026 को खोला गया था। इसके तहत 15 नवंबर से 21 नवंबर 2026 तक रात्रि विश्राम के लिए आरक्षण किया जाना था।

बुकिंग शुरू होते ही पर्यटकों ने तेजी दिखाई और 21 नवंबर तक की पूरी अवधि के लिए उपलब्ध कमरे बुक हो गए। इसके बाद 8 अक्टूबर 2026 को दूसरे स्लॉट की ऑनलाइन बुकिंग खोली गई। इस चरण में 22 नवंबर से 21 दिसंबर 2026 तक के लिए रेस्ट हाउसों में ठहरने का आरक्षण शुरू हुआ, दूसरे स्लॉट में भी पहले ही दिन सभी उपलब्ध कमरे बुक हो गये। इस तरह ढिकाला जोन के खुलने से पहले ही 21 दिसंबर 2026 तक की रात्रि विश्राम बुकिंग फुल हो चुकी है। यह आंकड़ा ढिकाला की लोकप्रियता और यहां जंगल के बीच ठहरने को लेकर पर्यटकों के जबरदस्त आकर्षण को दर्शाता है।

ढिकाला के साथ-साथ कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के अन्य पर्यटन जोनों में भी रात्रि विश्राम की सुविधा शुरू होने जा रही है। हर साल मानसून के दौरान 15 जून के बाद जंगल के भीतर स्थित रेस्ट हाउसों में नाइट स्टे की सुविधा बंद कर दी जाती है। अब नए पर्यटन सत्र की शुरुआत के साथ पर्यटक फिर से जंगल के भीतर बने विश्राम गृहों में ठहरकर वन्यजीवन को करीब से महसूस कर सकेंगे। कॉर्बेट के ढिकाला परिसर में पर्यटकों के लिए करीब 30 कमरे और 12 डॉरमेट्री बेड उपलब्ध हैं। इसके अलावा गैरल परिसर में छह कमरे और आठ डॉरमेट्री बेड की व्यवस्था है।

सुल्तान और मलानी में दो-दो कमरे पर्यटकों के लिए उपलब्ध हैं। वहीं बिजरानी पर्यटन जोन में सात कमरे, ढेला में दो, झिरना में चार, पाखरो में दो और सोनानदी क्षेत्र में भी दो कमरों की सुविधा है। इन विश्राम गृहों में ठहरने के लिए पर्यटक निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन बुकिंग इस वेबसाइट www.corbettgov.org पर जाकर करा सकते हैं,हालांकि बुकिंग उपलब्धता पर निर्भर करेगी। कॉर्बेट में नाइट स्टे का अनुभव सामान्य डे सफारी से अलग होता है।

जंगल के बीच रात्रि विश्राम, सुबह की ताजी हवा, घासभूमियों के मनोरम दृश्य और प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों को एक अलग अनुभव देते हैं। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन पर्यटकों से अपील करता है कि वे रेस्ट हाउस और सफारी की बुकिंग केवल पार्क की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही कराएं, ताकि अनधिकृत वेबसाइटों और एजेंटों के जरिए होने वाली धोखाधड़ी से बचा जा सके। ढिकाला जोन की बुकिंग खुलते ही पहले 21 नवंबर तक और फिर 21 दिसंबर तक सभी उपलब्ध कमरे बुक हो जाना कॉर्बेट के वन्यजीव पर्यटन के प्रति पर्यटकों की दीवानगी को दिखाता है। 15 नवंबर से शुरू होने जा रहे नए सत्र से रामनगर के पर्यटन कारोबार को भी गति मिलने की उम्मीद है। अब पर्यटकों को ढिकाला में रात्रि विश्राम के लिए आगे की उपलब्ध बुकिंग का इंतजार करना होगा। जो 7 नवंबर 2026 को खुलेगी।

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