September 1, 2026

2021 के बाद बंद हुई यह अनोखी परंपरा आठवे बैकुंठ यानी बदरीनाथ धाम में वर्षों तक एक अनूठी धार्मिक परंपरा का पालन किया जाता था। जब भी मंदिर के दान पात्रों और थाली भेंट की गणना पूरी होती थी