September 1, 2026

यूपी: शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने मंत्री आवास घेरा, आयोग की संस्तुति लागू करने की मांग

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लखनऊ। 68500 सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2018 में आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों के मामले में अभ्यर्थियों ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव कर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी आदेश/संस्तुति को तत्काल लागू करने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया।

आयोग की संस्तुति लागू करने की मांग
अभ्यर्थियों का कहना है कि 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों को लेकर वे लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने अभ्यर्थियों के हित में स्पष्ट आदेश/संस्तुति जारी की है, लेकिन काफी समय बीतने के बावजूद शासन और संबंधित विभाग की ओर से इसका अनुपालन नहीं किया गया।

अभ्यर्थियों के अनुसार आयोग की संस्तुति में 150 में 60 अंक यानी 40% या उससे अधिक अंक पाने वाले ओबीसी अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण मानकर नियमानुसार नियुक्ति देने की बात कही गई है। उनका दावा है कि इससे ओबीसी के साथ दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों को भी लाभ मिलेगा।

बोले- संवैधानिक अधिकार मांग रहे हैं
धरने का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह ने कहा कि अभ्यर्थी किसी पर अहसान नहीं मांग रहे, बल्कि अपने संवैधानिक अधिकार और न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती के अभ्यर्थियों ने वर्षों तक संघर्ष किया है और आयोग के आदेश के बाद उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है। शासन को आदेश को लंबित रखने के बजाय तत्काल अमल की दिशा में कदम उठाना चाहिए।

दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
अभ्यर्थियों ने आरक्षण संबंधी विसंगतियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर जवाबदेही तय करने की भी मांग की। उनका कहना है कि केवल नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आयोग की संस्तुति के मुताबिक जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

सरकार के सामने रखीं ये मांगें
– राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश/संस्तुति का तत्काल अनुपालन किया जाए।
– 150 में 60 अंक यानी 40% अंक पाने वाले पात्र ओबीसी, दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित अभ्यर्थियों को नियमानुसार उत्तीर्ण कर नियुक्ति दी जाए।
– आरक्षण संबंधी विसंगतियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाए।
– आयोग की संस्तुति पर शासन की ओर से की गई कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाए।
– पात्र अभ्यर्थियों के भविष्य को देखते हुए मामले का जल्द और न्यायपूर्ण निस्तारण किया जाए।

अभ्यर्थियों ने कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता और राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का प्रभावी अनुपालन नहीं होता, तब तक उनका लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन में तूफान सिंह, आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी, अखिल यादव, योगेश लोधी, ललिता चौधरी, कुसुम चौधरी, अनुराग पाल, विनोद प्रजापति, राम भवन साहू, शेरा, उमेश गुप्ता, रणबहादुर वर्मा, नसीम और राकेश साहनी समेत अन्य अभ्यर्थी शामिल रहे।

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