लॉर्ड्स में हरमनप्रीत का धमाका आखिरी ओवर में बरसे छक्के भारत ने ऑस्ट्रेलिया को दिया 171 रन का लक्ष्य
भारत को सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने मजबूत शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 66 रन की साझेदारी कर टीम को अच्छी स्थिति में पहुंचाया। हालांकि टी20 क्रिकेट के लिहाज से यह साझेदारी अपेक्षाकृत धीमी रही लेकिन दोनों बल्लेबाजों ने विकेट संभालते हुए बड़े स्कोर की नींव रखी। शेफाली वर्मा ने 26 गेंदों पर 34 रन बनाए। उनकी पारी में तीन चौके और दो शानदार छक्के शामिल रहे। वह टीम के 66 रन के स्कोर पर पहला विकेट बनकर पवेलियन लौटीं।
शेफाली के आउट होने के बाद स्मृति मंधाना भी ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सकीं। उन्होंने 37 गेंदों पर 38 रन की संयमित पारी खेली और भारत का दूसरा विकेट 83 रन के स्कोर पर गिरा। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रोड्रिगेज ने पारी को मजबूती दी और रन गति को भी बनाए रखा।
जेमिमा रोड्रिगेज ने 28 गेंदों पर 34 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने एक चौका और एक छक्का लगाया। बल्लेबाजी के दौरान असहज महसूस होने के कारण वह रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर चली गईं। इसके बाद पूरी जिम्मेदारी कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपने कंधों पर उठा ली।
हरमनप्रीत ने एक बार फिर बड़े मैच की खिलाड़ी होने का परिचय दिया। उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए केवल 27 गेंदों पर 56 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस विस्फोटक पारी में छह चौके और तीन गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। खास तौर पर अंतिम ओवर में लगातार तीन छक्के लगाकर उन्होंने भारतीय स्कोर को मजबूत स्थिति तक पहुंचा दिया। आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर वह आउट हुईं लेकिन तब तक भारत चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा कर चुका था।
पारी के अंत में दीप्ति शर्मा ने एक गेंद पर चार रन बनाए जबकि ऋचा घोष एक रन बनाकर नाबाद रहीं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से कप्तान सोफी मोलिनक्स सबसे सफल गेंदबाज रहीं जिन्होंने दो विकेट हासिल किए।
यह मुकाबला दोनों टीमों का ग्रुप चरण का अंतिम मैच था। ऑस्ट्रेलिया लगातार चार जीत के साथ पहले ही मजबूत स्थिति में था जबकि भारत तीन जीत और एक हार के साथ सेमीफाइनल की दौड़ में बना हुआ था। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 171 रन का कठिन लक्ष्य देकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया।
