June 2, 2026

IPL टीमों को करोड़ों का नुकसान करा रहे स्काउट्स? सुनील गावस्कर का बड़ा बयान

0
untitled-1780379938

नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के दिग्गज Sunil Gavaskar ने IPL फ्रेंचाइजियों की स्काउटिंग प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि कई टीमें राज्य और शहर स्तर की टी20 लीगों में प्रदर्शन देखकर खिलाड़ियों पर करोड़ों रुपये खर्च कर देती हैं, लेकिन वही खिलाड़ी IPL में अंतरराष्ट्रीय स्तर की गेंदबाजी के सामने टिक नहीं पाते।

क्या बोले गावस्कर?
स्पोर्टस्टार में अपने कॉलम में गावस्कर ने लिखा कि कई बड़े हिटर स्थानीय टी20 लीगों में शानदार प्रदर्शन करते हैं, लेकिन IPL में आने पर उनकी कमजोरियां उजागर हो जाती हैं। उनके अनुसार, लोकल लीग और IPL के स्तर में बहुत बड़ा अंतर है।

उन्होंने कहा कि:
राज्य और शहर की लीगों में बल्लेबाजी और गेंदबाजी का स्तर IPL जैसा नहीं होता। ऐसे में स्काउट्स को केवल आंकड़ों या हाइप के आधार पर खिलाड़ियों का चयन नहीं करना चाहिए।

स्काउट्स पर उठाए सवाल
गावस्कर का मानना है कि कई बार स्काउट्स खिलाड़ी एजेंटों, सोशल मीडिया प्रचार और कुछ चुनिंदा पारियों से प्रभावित हो जाते हैं। नतीजा यह होता है कि फ्रेंचाइजी ऐसे खिलाड़ियों पर बड़ी रकम खर्च कर देती हैं जो बाद में टीम की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते। उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी करोड़ों में खरीदा जाए और फिर उसे कुछ मैचों के बाद बेंच पर बैठा दिया जाए, तो यह स्काउटिंग सिस्टम की विफलता को दर्शाता है।

“डमी बेच दिया जाता है”
गावस्कर ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि कई बार फ्रेंचाइजियों को ऐसे खिलाड़ी “बेच” दिए जाते हैं जिनकी क्षमता IPL स्तर की नहीं होती। उनका इशारा इस ओर था कि कुछ खिलाड़ी स्थानीय प्रतियोगिताओं के प्रदर्शन के कारण जरूरत से ज्यादा मूल्य पा लेते हैं।

एक मैच के प्रदर्शन पर मिल जाता है नया कॉन्ट्रैक्ट
गावस्कर ने यह भी कहा कि कुछ खिलाड़ी पूरे सीजन में संघर्ष करते हैं, लेकिन किसी एक कम दबाव वाले मुकाबले में अच्छी पारी खेल देते हैं। फिर उसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें अगले सीजन के लिए दोबारा खरीद लिया जाता है। उनके अनुसार IPL में ऐसे “वन-मैच परफॉर्मर्स” की पूरी टीम बनाई जा सकती है, जिन्हें बार-बार मौके मिलते रहते हैं।

IPL टीमों के लिए संदेश
गावस्कर का साफ संदेश है कि फ्रेंचाइजियों को केवल रन, छक्के या सोशल मीडिया चर्चा देखकर खिलाड़ी नहीं चुनने चाहिए। स्काउट्स को तकनीक, मानसिक मजबूती और उच्च स्तर के क्रिकेट में प्रदर्शन की क्षमता का भी गहराई से मूल्यांकन करना चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब Indian Premier League में कई महंगे खिलाड़ी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए, जबकि कुछ कम कीमत वाले खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी टीमों को फायदा पहुंचाया।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *