March 12, 2026

सैमसन नहीं, Jasprit Bumrah थे असली हकदार: ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ पर AB de Villiers की राय

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नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने ICC Men’s T20 World Cup 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने New Zealand national cricket team को 96 रन से हराकर ट्रॉफी जीती। पूरे टूर्नामेंट में कई भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, लेकिन ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का पुरस्कार विकेटकीपर बल्लेबाज Sanju Samson को दिया गया। हालांकि दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान AB de Villiers का मानना है कि तेज गेंदबाज Jasprit Bumrah भी इस सम्मान के उतने ही बड़े दावेदार थे।

डिविलियर्स ने बताया क्यों बुमराह थे मजबूत दावेदार
एबी डिविलियर्स ने अपने यूट्यूब चैनल पर टूर्नामेंट का विश्लेषण करते हुए कहा कि प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के लिए संजू सैमसन और जसप्रीत बुमराह के बीच काफी करीबी मुकाबला था। उनके अनुसार कई ऐसे मौके आए जब बुमराह की गेंदबाजी ने मैच का रुख बदल दिया और भारत को निर्णायक बढ़त दिलाई। डिविलियर्स ने कहा कि जब उन्होंने बुमराह को दबाव भरे पलों में गेंदबाजी करते देखा तो उन्हें लगा कि यह अवॉर्ड उनके नाम भी जा सकता था। उनका मानना है कि टूर्नामेंट के कुछ अहम क्षणों में बुमराह का प्रदर्शन भारत की जीत की सबसे बड़ी वजहों में से एक रहा।

मुश्किल हालात में भी मैच पलट देते हैं बुमराह
डिविलियर्स ने बुमराह की तारीफ करते हुए कहा कि भारत जैसे देश में तेज गेंदबाज के तौर पर गेंदबाजी करना आसान नहीं होता, क्योंकि यहां की पिचें अक्सर बल्लेबाजों के अनुकूल होती हैं। लेकिन बुमराह ऐसे गेंदबाज हैं जो किसी भी परिस्थिति में मैच का रुख बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब टीम को विकेट की जरूरत होती है, तब बुमराह एक अलग गियर में आ जाते हैं और विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बना देते हैं। डिविलियर्स के मुताबिक बुमराह भारतीय टीम के लिए एक अमूल्य संपत्ति हैं और उनकी मौजूदगी गेंदबाजी आक्रमण को बेहद खतरनाक बना देती है।

टूर्नामेंट में बुमराह का शानदार प्रदर्शन
टी20 विश्व कप 2026 में जसप्रीत बुमराह का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने 8 मैचों में 14 विकेट हासिल किए और टूर्नामेंट के शीर्ष विकेट लेने वाले गेंदबाजों में शामिल रहे। वह स्पिनर Varun Chakravarthy के साथ संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे, हालांकि वरुण ने बुमराह से एक मैच ज्यादा खेला था। बुमराह की इकॉनमी रेट भी काफी किफायती रही, जिसने विरोधी टीमों पर लगातार दबाव बनाए रखा। खास तौर पर सेमीफाइनल और फाइनल जैसे बड़े मुकाबलों में उनकी गेंदबाजी ने भारत को निर्णायक बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

सैमसन के बल्ले ने दिलाया खिताब
दूसरी ओर, विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का प्रदर्शन भी पूरे टूर्नामेंट में शानदार रहा। उन्होंने केवल 5 मैच खेले, लेकिन करीब 200 के स्ट्राइक रेट से 321 रन बनाकर टीम इंडिया को कई महत्वपूर्ण जीत दिलाई। सैमसन ने क्वार्टर फाइनल में West Indies national cricket team के खिलाफ नाबाद 97 रन की शानदार पारी खेली। इसके बाद सेमीफाइनल में England national cricket team के खिलाफ 89 रन बनाए और फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भी 89 रन की यादगार पारी खेली। उनके लगातार मैच जिताऊ प्रदर्शन के कारण उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।

टीम इंडिया की सफलता में कई खिलाड़ियों का योगदान
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की इस ऐतिहासिक जीत में केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि पूरी टीम का योगदान रहा। बल्लेबाजी में संजू सैमसन और अन्य खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, जबकि गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और अन्य गेंदबाजों ने विपक्षी टीमों को दबाव में रखा। यही संतुलन टीम इंडिया को टी20 विश्व कप 2026 का चैंपियन बनाने में निर्णायक साबित हुआ।

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