ग्लास्गो में गरजेंगे भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी, नीरज चोपड़ा की अगुआई में तीनों एथलीटों ने फाइनल में बनाई जगह।
प्रतियोगिता के दौरान स्कॉटस्टाउन स्टेडियम का माहौल खिलाड़ियों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। लगभग 18 डिग्री सेल्सियस का कम तापमान और सामने से लगातार आ रही तेज हवाओं ने थ्रोअर्स की राह कठिन बना दी। विपरीत परिस्थितियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे क्वालिफिकेशन राउंड में भाग ले रहे 18 प्रतिभागियों में से एक भी एथलीट 84 मीटर के ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मार्क को नहीं छू सका। केवल चार खिलाड़ी ही 80 मीटर की दूरी तय कर पाए, जिसके चलते प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष-12 खिलाड़ियों को अंतिम चरण के लिए चुना गया।
पूर्व राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने अत्यंत संयमित रणनीति के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास में 79.61 मीटर की दूरी दर्ज कर क्वालिफिकेशन में पांचवां स्थान प्राप्त किया। शुरुआती प्रयासों में ही स्थान सुरक्षित हो जाने के कारण उन्होंने अपनी ऊर्जा बचाते हुए अंतिम थ्रो नहीं करने का फैसला किया। उनके साथी भारतीय एथलीट रोहित यादव ने 78.37 मीटर थ्रो के साथ नौवां और यशवीर सिंह ने 78.36 मीटर के थ्रो के साथ दसवां स्थान हासिल कर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
ग्लास्गो की ठंड और कठिन परिस्थितियों के बावजूद स्टेडियम में उपस्थित दर्शकों का सबसे ज्यादा समर्थन भारतीय स्टार नीरज चोपड़ा को मिला। पीठ के निचले हिस्से में लगी चोट के कारण लंबे समय तक मैदान से दूर रहने के बाद हाल ही में प्रतिस्पर्धी खेल में वापसी करने वाले नीरज के लिए यह पड़ाव बेहद खास है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली इस सफलता से खिलाड़ी के गृहनगर हरियाणा के पानीपत जिले में स्थित खंडरा गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है और पूरे देश को अब फाइनल मुकाबले में उनसे एक और ऐतिहासिक स्वर्ण पदक की उम्मीद है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वियों की बात करें तो श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने 82.84 मीटर के थ्रो के साथ क्वालिफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि पेरिस ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता पाकिस्तान के अरशद नदीम 78.63 मीटर के साथ सातवें स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंचे। वहीं पूर्व राष्ट्रमंडल चैंपियन केन्या के जूलियस येगो 13वें स्थान पर रहने के कारण प्रतियोगिता से बाहर हो गए। भारतीय दल का यह प्रदर्शन एथलेटिक्स में भारत की बढ़ती धमक को दर्शाता है और अब शुक्रवार देर रात होने वाले खिताबी मुकाबले पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी होंगी।
