March 9, 2026

IND vs NZ: टीम इंडिया में कई प्‍लेयर्स डिसीजन मेकर… सरफराज को लेकर क्या बोले सुनील गावस्कर

0
sunil gawaskar

नई दिल्‍ली । लगातार डोमेस्टिक क्रिकेट में अपनी बैटिंग से तबाही मचाने वाले सरफराज खान को टीम इंडिया में एंट्री के लिए अच्छा खासा इंतजार करना पड़ा। सरफराज खान ने अभी तक चार टेस्ट मैच ही खेले हैं, लेकिन इस दौरान बैटिंग से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। सरफराज को अपने वजन को लेकर काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उनका वजन कई बार चर्चा का विषय भी बना, लेकिन इस सब के बीच उन्हें पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर का साथ मिला है, जिन्होंने इंडियन टीम के सिलेक्टर्स को आड़े हाथों लिया।

बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में ड्रॉप

सरफराज को लेकर गावस्कर ने कहा कि मैदान पर जिस तरह से उन्होंने अपने बैट से वापसी की है, वह उनकी कमर से ज्यादा बड़ी है। इसी साल इंग्लैंड के खिलाफ होम टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया के कई की बैटर्स उपलब्ध नहीं थे, जिसके बाद सरफराज को डेब्यू करने का मौका मिला। सरफराज ने तीन टेस्ट मैच खेले और इस दौरान तीन पचासे भी लगाए, लेकिन इसके बाद उन्हें बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में ड्रॉप कर दिया गया।

मैदान पर बैट के साथ सरफराज का कमबैक

न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में शुभमन गिल के पूरी तरह से फिट नहीं होने के चलते उनकी प्लेइंग XI में वापसी हुई और उन्होंने दूसरी पारी में 150 रन भी ठोके। सुनील गावस्कर ने स्पोर्ट्स स्टार के अपने कॉलम में लिखा, ‘मैदान पर बैट के साथ सरफराज का कमबैक उसकी कमर से ज्यादा बड़ा है। दुख की बात है कि इंडियन क्रिकेट में बहुत सारे डिसीजन मेकर हैं, सरफराज को लंबे समय तक टीम इंडिया में जगह नहीं मिली, जबकि वह डोमेस्टिक क्रिकेट में लगातार रन बनाते रहे। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि डिसीजन मेकर्स में कुछ लोग ऐसे थे जिन्हें लगता कि उसकी कमर स्लिम नहीं है और यह इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए सूटेबल नहीं है।’

ऋषभ पंत के पास स्लिम कमर नहीं

गावस्कर ने ऋषभ पंत के पास स्लिम कमर नहीं का उदाहरण देते हुए कहा कि वह भी स्लिम क्रिकेटर नहीं हैं। गावस्कर ने कहा, ‘ऋषभ पंत एक और ऐसा खिलाड़ी है, जिसके पास स्लिम कमर नहीं है, लेकिन वह कितने शानदार इम्पैक्ट खिलाड़ी हैं। यहां हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह पूरा दिन विकेटकीपिंग भी करते हैं। तो यो-यो टेस्ट को दरकिनार करते हुए इस बात पर फोकस होना चाहिए कि खिलाड़ी मेंटली कितना स्ट्रॉन्ग है।’

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *