पूर्व CSK खिलाड़ी वंश बेदी ने चौके-छक्कों से पलटा मुकाबला, सेंट्रल दिल्ली किंग्स ने दर्ज की शानदार जीत
अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए आउटर दिल्ली वॉरियर्स ने निर्धारित 10 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 130 रन का मजबूत स्कोर बनाया। छोटे प्रारूप में यह लक्ष्य चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था और सेंट्रल दिल्ली किंग्स के सामने 131 रन बनाने की कठिन चुनौती थी।
आउटर दिल्ली वॉरियर्स की ओर से यजस शर्मा ने 16 गेंदों में 39 रन की तेज पारी खेली। वहीं मोहित पंवार ने 18 गेंदों पर 37 रन बनाकर टीम की पारी को मजबूती दी। अक्षय सैनी ने भी 15 गेंदों में 31 रन जोड़ते हुए स्कोर को 130 तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी सेंट्रल दिल्ली किंग्स को कप्तान यश ढुल ने तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने सिर्फ 16 गेंदों में 35 रन बनाए, जिसमें दो चौके और तीन छक्के शामिल रहे। इसके बाद जोंटी सिद्धू ने 12 गेंदों में 25 रन बनाकर रन गति बनाए रखी। हालांकि बीच के ओवरों में लगातार विकेट गिरने से मुकाबला एक बार फिर संतुलन की स्थिति में पहुंच गया।
ऐसे समय में वंश बेदी ने जिम्मेदारी संभाली और आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने केवल 16 गेंदों में नाबाद 47 रन बनाए। इस पारी के दौरान उनके बल्ले से तीन चौके और पांच शानदार छक्के निकले। लगभग 294 के स्ट्राइक रेट से खेली गई उनकी पारी ने विपक्षी टीम की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
मुकाबले का सबसे रोमांचक क्षण अंतिम दो ओवरों में देखने को मिला। नौवें ओवर की आखिरी चार गेंदों पर वंश बेदी ने एक चौका और लगातार तीन छक्के लगाकर मैच पूरी तरह अपनी टीम के पक्ष में कर दिया। इसके बाद अंतिम ओवर में भी उन्होंने लगातार दो चौके और एक छक्का जड़ते हुए टीम को एक गेंद शेष रहते 133 रन तक पहुंचा दिया। सेंट्रल दिल्ली किंग्स ने 9.5 ओवर में छह विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
इस जीत के बाद वंश बेदी का एक वीडियो भी चर्चा का विषय बना, जिसमें वह लोकप्रिय फिल्मी संवाद ‘फ्लावर नहीं, फायर हूं मैं’ कहते नजर आए। उनकी यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और क्रिकेट प्रशंसकों ने उनकी मैच जिताऊ पारी की जमकर सराहना की।
वंश बेदी की इस विस्फोटक बल्लेबाजी ने एक बार फिर साबित किया कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में दबाव के क्षणों में संयम और आक्रामकता का सही संतुलन किसी भी मैच का परिणाम बदल सकता है। उनकी शानदार पारी ने सेंट्रल दिल्ली किंग्स को टूर्नामेंट में एक और महत्वपूर्ण जीत दिलाई और टीम का आत्मविश्वास भी बढ़ाया।
