ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में नहीं खेलेंगे इबादत हुसैन, पारिवारिक कारणों से लिया बड़ा फैसला
बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 13 अगस्त से डार्विन में होगी जबकि दूसरा मुकाबला 22 अगस्त से खेला जाएगा। यह सीरीज आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है इसलिए दोनों टीमों के लिए हर मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। इबादत हुसैन की गैरमौजूदगी बांग्लादेश के तेज गेंदबाजी आक्रमण को कमजोर कर सकती है क्योंकि वह नई गेंद से विकेट निकालने की क्षमता रखते हैं और विदेशी परिस्थितियों में भी प्रभावी प्रदर्शन कर चुके हैं।
इधर टीम के एक अन्य प्रमुख तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद ने भी बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरे की बेहतर तैयारी के लिए लंका प्रीमियर लीग से अपना नाम वापस ले लिया है। तस्कीन का मानना है कि यदि वह लीग क्रिकेट खेलते तो टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में खेलने का अवसर बार बार नहीं मिलता इसलिए उन्होंने फ्रेंचाइजी क्रिकेट की बजाय राष्ट्रीय टीम को प्राथमिकता दी।
तस्कीन ने यह भी स्पष्ट किया कि एलपीएल से हटने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान जरूर हुआ है लेकिन देश के लिए खेलने और टेस्ट क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन करने का मौका उनके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि अच्छी तैयारी के साथ मैदान में उतरना टीम के हित में होगा और यही फैसला भविष्य में बेहतर परिणाम देने में मदद करेगा।
उधर बांग्लादेश टीम की चिंता केवल इबादत हुसैन तक सीमित नहीं है। तेज गेंदबाज नाहिद राणा की फिटनेस पर भी संशय बना हुआ है। उनकी चोट का स्कैन कराया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि वह पहले टेस्ट में खेल पाएंगे या नहीं। इसके अलावा अनुभवी बल्लेबाज लिटन दास भी पिंडली की चोट से उबर रहे हैं। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि वह समय रहते पूरी तरह फिट होकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैदान में उतरेंगे।
बांग्लादेश की टीम अगले महीने की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया पहुंचेगी जहां 3 अगस्त से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेला जाएगा। इस मुकाबले के जरिए खिलाड़ी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की कोशिश करेंगे। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ टेस्ट सीरीज बांग्लादेश के लिए बड़ी चुनौती होगी और टीम चाहेगी कि उपलब्ध खिलाड़ियों के दम पर मजबूत प्रदर्शन कर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में अहम अंक हासिल किए जा सकें।
