अजमतुल्लाह उमरजई ने T20 क्रिकेट में रचा इतिहास, नंबर-6 पर उतरकर ठोका 116 रन का तूफानी शतक, फुल मेंबर टीमों में ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी बने
मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने महज पांच रन के स्कोर पर अपने चार अहम विकेट गंवा दिए। शुरुआती झटकों से टीम उबर भी नहीं पाई थी कि 38 रन के स्कोर तक उसके पांच बल्लेबाज पवेलियन लौट गए। लगातार गिरते विकेटों ने अफगानिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दी थीं और ऐसा लग रहा था कि टीम बहुत कम स्कोर पर सिमट जाएगी। इसी नाजुक मोड़ पर अजमतुल्लाह उमरजई ने मोर्चा संभाला और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी शुरू कर दी।
उमरजई ने अपनी पारी में पांच चौके और 12 गगनचुंबी छक्के लगाए। उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट खेलते हुए गेंदबाजों पर दबाव बनाया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता के साथ बेहतरीन नियंत्रण भी देखने को मिला। उन्होंने तेजी से रन बनाकर अफगानिस्तान के स्कोर को आगे बढ़ाया और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। उनकी 116 रनों की पारी के दम पर अफगानिस्तान ने निर्धारित 20 ओवर में छह विकेट के नुकसान पर 222 रन बनाए और जिम्बाब्वे के सामने 223 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।
इस ऐतिहासिक पारी के साथ उमरजई ने फुल मेंबर अंतरराष्ट्रीय टीमों के बीच टी20 क्रिकेट में नंबर छह या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड अफगानिस्तान के ही मोहम्मद नबी के नाम था जिन्होंने 2017 में आयरलैंड के खिलाफ 89 रन बनाए थे। उमरजई ने इस उपलब्धि को पीछे छोड़ते हुए 116 रन की शानदार पारी खेली। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया कि वह केवल गेंदबाजी में ही नहीं बल्कि जरूरत पड़ने पर बल्लेबाजी में भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।
223 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम ने भी हार नहीं मानी। कप्तान सिकंदर रजा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 56 गेंदों में 106 रन बनाए। उनकी पारी में पांच चौके और नौ छक्के शामिल रहे। रजा ने अकेले दम पर अफगानिस्तान के गेंदबाजों को चुनौती दी और टीम को जीत के करीब पहुंचाने की कोशिश की। हालांकि दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका। जिम्बाब्वे की टीम निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट खोकर 202 रन ही बना सकी।
इस तरह अफगानिस्तान ने यह मुकाबला 19 रन से जीत लिया। उमरजई की ऐतिहासिक पारी टीम की जीत का सबसे बड़ा आधार बनी। इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने मुकाबले के अलावा टी20 सीरीज भी अपने नाम कर ली। शुरुआती पांच विकेट जल्दी गंवाने के बाद जिस तरह उमरजई ने पारी को संभाला वह क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार प्रदर्शन बन गया। उनका यह शतक अफगानिस्तान की टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजी की ताकत और मुश्किल परिस्थितियों में वापसी करने की क्षमता का शानदार उदाहरण है।
