क्रिकेट इतिहास का एक और स्वर्णिम अध्याय पूरा, वनडे फॉर्मेट ने हासिल किया 5000 मुकाबलों का ऐतिहासिक मुकाम।
नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबसे लोकप्रिय प्रारूपों में से एक वनडे क्रिकेट ने हाल ही में 5000 मुकाबलों का एक ऐतिहासिक और गौरवशाली पड़ाव पार कर लिया है। स्कॉटलैंड और कनाडा के बीच खेला गया रोमांचक मैच इस फॉर्मेट के इतिहास का 5000वां मुकाबला बना, जिसमें स्कॉटलैंड ने 9 रन से जीत दर्ज की। टेस्ट क्रिकेट के बाद अस्तित्व में आए वनडे फॉर्मेट ने बीते दशकों में दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया है। हालांकि, मौजूदा दौर में टी20 फॉर्मेट के तेजी से बढ़ते प्रभाव और व्यस्त शेड्यूल के बीच वनडे के भविष्य और प्रासंगिकता को लेकर भी खेल जगत में नए सिरे से बहस छिड़ गई है।
सांख्यिकीय आंकड़ों के लिहाज से देखें तो तीनों प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में अब तक सबसे अधिक मुकाबले वनडे क्रिकेट में ही खेले गए हैं। टेस्ट क्रिकेट में जहां 2600 से अधिक मैच हुए हैं, वहीं टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की संख्या भी 4000 के पार पहुंच चुकी है। जिस गति से टी20 मैचों का आयोजन हो रहा है, उसे देखते हुए खेल विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ वर्षों में टी20 सबसे ज्यादा खेले जाने वाला फॉर्मेट बन सकता है। इसके बावजूद वनडे क्रिकेट का इतिहास कई ऐसे व्यक्तिगत और टीम रिकॉर्ड्स से समृद्ध है, जिन्हें तोड़ना आज भी किसी भी खिलाड़ी के लिए बेहद कठिन चुनौती है।
इस 5000वें ऐतिहासिक मैच के अवसर पर वनडे क्रिकेट के सबसे यादगार और लंबे समय तक कायम रहने वाले रिकॉर्ड्स को याद किया गया। इनमें सबसे शीर्ष पर भारतीय बल्लेबाजी के आधार स्तंभ रहे सचिन तेंदुलकर के 18426 रनों का महारिकॉर्ड है। सचिन ने वर्ष 2012 में अपना अंतिम वनडे मुकाबला खेला था, लेकिन उनके संन्यास के इतने वर्षों बाद भी दुनिया का कोई भी बल्लेबाज उनके इस विशाल स्कोर तक नहीं पहुंच पाया है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि सचिन का प्रभुत्व इस फॉर्मेट पर किस स्तर का रहा था।
सचिन के इस सबसे बड़े रिकॉर्ड के सबसे करीब वर्तमान समय के महान बल्लेबाज विराट कोहली हैं, जिनके नाम 14900 से अधिक वनडे रन दर्ज हैं। हालांकि, सचिन और कोहली के बीच अभी भी 3400 से अधिक रनों का बड़ा फासला है। कोहली भले ही वनडे प्रारूप पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर रहे हों, लेकिन मैचों की घटती संख्या और करियर के इस पड़ाव को देखते हुए सचिन का रिकॉर्ड तोड़ पाना आसान नहीं होगा। यही कारण है कि क्रिकेट विशेषज्ञ 18426 रनों के इस आंकड़े को खेल इतिहास के सबसे सुरक्षित रिकॉर्ड्स में से एक मानते हैं।
इसके अलावा वनडे इतिहास में श्रीलंका का सबसे बड़ा टीम स्कोर, विव रिचर्ड्स की ऐतिहासिक पारियां, चमिंडा वास और मुथैया मुरलीधरन की घातक गेंदबाजी तथा सनथ जयसूर्या और शाहिद अफरीदी के सबसे तेज तूफानी शतक-अर्धशतक जैसे रिकॉर्ड्स ने भी दशकों तक प्रशंसकों को रोमांचित किया है। सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज सबसे ज्यादा शतकों और वकार यूनिस के सबसे ज्यादा पांच विकेट हॉल का रिकॉर्ड भी इस फॉर्मेट की शान रहा है। 5000 मैचों का यह सफर साबित करता है कि वनडे क्रिकेट का रोमांच और इसके ऐतिहासिक आंकड़े हमेशा खास बने रहेंगे।
